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टीचिंग एक ऐसा प्रोफेशनल है जिसको हमेशा ही काफी महत्वपूर्ण माना गया है और इसे काफी नोबल प्रोफेशन माना गया है। समाज को बदलने में एक अध्यापक का ही सबसे बड़ा किरदार होता है और बदलते दौर के साथ-साथ आज टीचिंग एक ऐसा प्रोफेशन बन गया है जिसमें अच्छी कमाई भी होती है और काफी इज़्ज़त भी मिलती है।

तो आज हम टीचिंग के करियर के बारे में निम्न टॉपिक पर बात करेंगे

टीचिंग करियर क्या है और किसकर लिए सही है

टीचर बनने के लिए योग्यता 

टीचर बनने के लिए कोर्स

  • एनटीटी कोर्स
  • बी॰एल॰एड कोर्स
  • डी॰एल॰एड कोर्स
  • बी॰पी॰एड कोर्स
  • डीपीई कोर्स
  • बीएड कोर्स

सरकारी अध्यापक कैसे बने सीटीईटी और टीईटी

टीचिंग करियर क्या है और किसके लिए सही है

टीचिंग करियर एक ऐसा प्रोफेशन है जिसमें आपका पढ़ाई-लिखाई की तरह इंटरेस्ट होना बहुत जरुरी है। ये करियर उनके लिए है जिन्हें पढ़ना अच्छा लगता है और जिनके लिए पढाई से जुड़े टॉपिक्स को समझना आसान होता है और इसमें तो आप अपने आप को आसानी से परख सकते हैं। अगर आप भी अपने एज्यूकेशन के समय पर अपने दोस्तों को पढ़ाई और परीक्षा के समय एक टीचर की तरह मदद की हो।

तो अगर आपमें भी क्वालिटी है जैसे आप काफी आसानी से किसी को भी पढ़ा सकते है, तो टीचिंग आपके लिए सबसे अच्छा प्रोफेशन है।

टीचर बनने के लिए योग्यता

टीचिंग करियर को हम कई लेवल्स में बाँट सकते हैं। जैसे नर्सरी स्कूल टीचर, प्राइमरी/मिडिल स्कूल टीचर और हाई स्कूल टीचर। इन सभी श्रेणियों के लिए योग्यता भी अलग-अलग होती है। यानि अगर आप प्राइमरी स्कूल टीचर बनना चाहते हैं, तो आपकी डिग्री अलग होगी और अगर आप हाई स्कूल टीचर बनना चाहते हैं, तो आपकी डिग्री कुछ और होगी जिसके बारे में हम आगे बताएँगे।

टीचर बनने के लिए सबसे पहले तो आपको 12वीं पास होना चाहिए। ध्यान रहे कि आप जिस स्ट्रीम से यानि साइंस, कॉमर्स, ह्यूमैनिटी जिससे भी 12वीं करेंगे, आप आगे जाकर उसी स्ट्रीम में टीचिंग करियर शुरू कर सकते हैं।

12वीं के बाद आपको ग्रेजुएशन करना होगा। ग्रेजुएशन आप किसी भी डिग्री से कर सकते हैं, जैसे बीए, बीएससी, बी.टेक। ग्रेजुएशन के बाद ही आप टीचिंग प्रोफेशन में जाने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। चलिए अब बात करते हैं कि वो कौनसे कोर्स हैं जो आपको टीचिंग में करियर बनाने के लिए बहुत जरुरी हैं।

टीचर बनने के लिए कोर्स

टीचिंग में करियर बनाने के लिए 12वीं/ग्रेजुएशन के बाद आपको इनमें से एक कोर्स करना होगा –

एनटीटी कोर्स
बी॰एल॰एड कोर्स
डी॰एल॰एड कोर्स
बी॰पी॰एड कोर्स
डीपीई कोर्स
बीएड कोर्स

आईये अब बात करते हैं कि ये कोर्स क्यों करना जरुरी है और इनके क्या फायदे हैं।

एनटीटी कोर्स

एनटीटी कोर्स यानि नर्सरी टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम को डिप्लोमा इन नर्सरी टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम भी कहा जाता है। इसके नाम से ही समझा जा सकता है कि ये कोर्स आपको नर्सरी लेवल के टीचर बनने के लिए जरुरी है। यह कोर्स 1 साल का होता है और न्यूनतम योग्यता 12वीं पास होती है।

पात्रता

  • मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास
  • न्यूनतम क्वालिफ़िकेशन मार्क्स – 50%

एडमिशन का प्रोसेस

एनटीटी में एडमिशन 12वीं के स्कोर से मेरिट के आधार पर भी हो सकता है या फिर आपको कई इंस्टीटूट्स के लिए एंट्रेंस देना होगा। एंट्रेंस के लिए ये कुछ राउंड फॉलो करने पड़ेंगे –

  • पहले आपको एक एंट्रेंस टेस्ट देना होगा। एंट्रेंस टेस्ट में 10+2 लेवल के प्रश्न आएंगे जो 12वीं के विषयों से मिले जुले होंगे।
  • एंट्रेंस टेस्ट के बाद एक इंटरव्यू राउंड और जीडी हो सकता है।

करियर के विकल्प

एनटीटी के बाद आप नर्सरी लेवल के स्कूल में अध्यापक बनने के लिए योग्य हो जाते हैं। इस कोर्स के बाद आप इन प्रोफाइल में काम कर सकते हैं –

  • नर्सरी टीचर
  • असिस्टेंट प्री-प्राइमरी टीचर
  • डे केयर टीचर
  • प्ले स्कूल टीचर

डी॰ईएल॰ एड कोर्स

डी॰ईएल॰ एड कोर्स यानि डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन टीचिंग करियर के लिए ऐसा कोर्स है जिसे सीधा 12वी के बाद किया जा सकता है। ये कोर्स फुल टाइम डिप्लोमा कोर्स है जो कि 2 साल का होता है।

पात्रता

  • मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास
  • न्यूनतम क्वालिफ़िकेशन मार्क्स – 50%

एडमिशन का प्रोसेस

डी॰ईएल॰ एड के एडमिशन के लिए 2 स्टेप है –

  • पहले आपको एक एंट्रेंस टेस्ट देना होगा। एंट्रेंस टेस्ट में 10+2 लेवल के प्रश्न आएंगे जो 12वीं के विषयों से मिले जुले होंगे।
  • एंट्रेंस टेस्ट के बाद एक इंटरव्यू राउंड हो सकता है।

करियर के विकल्प

डी॰ईएल॰ एड करने के बाद आप इन जॉब विकल्पों में करियर शुरू कर सकते है –

  • प्राइवेट स्कूल
  • प्राइमरी स्कूल (कक्षा 1 से 5)
  • अप्पर प्राइमरी (ग्रेज्युएशन + डी॰ईएल॰ एड) (कक्षा 6 से 8)
  • नर्सरी
  • डे केयर सेंटर
  • प्राइवेट ट्यूशन क्लास

आप इस कोर्स के बाद सरकारी अध्यापक के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं मगर उसके लिए आपके पास स्टेट (सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) का स्कोर होना जरुरी है। इस टेस्ट की जानकारी हम आपको आगे पूरी विस्तार से बताएँगे।

बी॰ईएल॰एड

बैचलर ऑफ़ एलीमेंट्री एजुकेशन कोर्स एक अंडरग्रेजुएट डिग्री कोर्स है, जो 4 साल का होता है और इसे भी 12वीं के बाद किया जा सकता है। इस कोर्स के बाद आप एलीमेंट्री लेवल के स्टूडेंट्स के एजुकेशन के साथ डील करेंगे यानि 6-12 साल का आयु समूह।

पात्रता

  • मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास
  • न्यूनतम क्वालिफ़िकेशन मार्क्स – 50%
  • विज्ञान, आर्ट्स और कॉमर्स में 12वीं पास

एडमिशन का प्रोसेस

बी॰ईएल॰एड में एडमिशन के लिए भी आपको एंट्रेंस टेस्ट से गुजरना होगा जो हर एक इन्स्टीट्यूशन का अलग-अलग होता है। कुछ ऐसे भी इंस्टीटूट हैं जो 12वीं के रिजल्ट पर मेरिट के आधार पर एडमिशन दे देते हैं, मगर ज्यादातर इंस्टीटूट में आपको कॉमन एंट्रेंस टेस्ट ही देना होगा।

बी॰ईएल॰एड में एडमिशन के लिए 2 स्टेप है –

  • पहले आपको एक एंट्रेंस टेस्ट देना होगा। एंट्रेंस टेस्ट में 10+2 लेवल के प्रश्न आएंगे जो कि आपके 12वीं के विषयों के आधार पर ही होता है।
  • एंट्रेंस टेस्ट के बाद जीडी (ग्रुप डिस्कशन) और एक इंटरव्यू राउंड होगा।

इन टेस्ट के आधार पर मैरिट लिस्ट निकलेगी आपकी रैंकिंग तय होगी।

एडमिशन की फीस

इस कोर्स की फीस वैसे तो हर इंस्टिट्यूट की अलग-अलग होती है लेकिन देखा जाये तो फीस 20,000 से 1,50,000 तक हो सकती है।

करियर के विकल्प

बी॰ईएल॰एड करने के बाद आप इन जॉब के अवसरों में अपना करियर बना सकते है –

  • प्राइमरी और अप्पर प्राइमरी स्कूल
  • एनजीओ
  • नर्सरी
  • डे केयर सेंटर
  • ट्यूशन क्लास

इस कोर्स के बाद आप सीटेट का एग्जाम देकर अपने आप को टीजीटी (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) के लिए भी योग्य बना सकते हैं। जिसके बाद आप एलीमेंट्री के साथ-साथ सेकेंडरी लेवल यानि क्लास 10 तक के स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए एलिजिबल हो जाते हैं।

आप इस कोर्स के बाद सरकारी अध्यापक के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं लेकिन उसके लिए आपके पास स्टेट (सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) का स्कोर होना जरुरी है। इस टेस्ट की जानकारी हम आपको आगे विस्तार से बताएँगे।

बी॰ पी॰ एड

बैचलर ऑफ़ फिजिकल एजुकेशन एक अंडर ग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम है, जो फिजिकल एजुकेशन पर फोकस करता है। इस कोर्स के बाद आप स्कूल में फिजिकल एजुकेशन टीचर या फिर स्पोर्ट्स इंस्ट्रक्टर के रोल पर काम कर सकते हैं।

योग्यता या पात्रता

  • मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास
  • न्यूनतम क्वालिफिकेशन मार्क्स 50%
  • 12वीं पास विज्ञान, आर्ट्स कॉमर्स में
  • विद्यार्थी जिनके पास फिजिकल एजुकेशन था स्कूल के दौरान, उन्हें प्रेफर किया जाता है।

बी॰पी॰एड के कोर्स की दो तरह की एलिजिबिलिटी होती है। एक जिसमें आप 3-4 साल का कोर्स कर सकते हैं और दूसरा जिसमें 1-2 साल तक के लिए कोर्स कर सकते हैं।

3-4 साल कोर्स के लिए योग्यता

3-4 साल के कोर्स के लिए योग्यता ऊपर बताए गए अनुसार ही रहेगा।

1-2 साल कोर्स के योग्यता

  • कैंडिडेट को ग्रेजुएशन डिग्री होल्डर होना जरुरी है और न्यूनतम क्वालिफिकेशन मार्क 50% से 60% होना चाहिए।
  • जिन विद्यार्थियों ने ग्रेजुएशन लेवल पर फिजिकल एजुकेशन विषय लिया हो या कॉलेज लेवल पर कोई स्पोर्ट्स में पार्टिसिपेट किया हो तो उन्हें प्रेफर किया जाता है।

एडमिशन का प्रोसेस जानें

बी॰पी॰एड के एडमिशन प्रोसेस में बाकी कोर्स से थोड़ा अलग होता है। आपको इस कोर्स के लिए भी एंट्रेस एग्जाम देना होगा।

एंट्रेस परीक्षा का पैटर्न सामान्यतः यह होता है –

  • पहले आपको एक एंट्रेंस टेस्ट देना होगा। एंट्रेंस टेस्ट में 10+2 लेवल के प्रश्न आएंगे जो जनरल एप्टीटुड, सामान्य ज्ञान, साइंस, सोशल साइंस और इंग्लिश लैंग्वेज से होगा।
  • इसके अलावा एक फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट भी देना होगा जिसमें अलग-अलग स्पोर्ट्स के जरिये आपके स्किल को टेस्ट किया जायेगा।
  • एंट्रेस टेस्ट के बाद जीडी (ग्रुप डिस्कशन) और एक इंटरव्यू राउंड होगा।

इन टेस्ट के आधार पर मेरिट लिस्ट निकलेगी जिससे आपकी रैंकिंग तय होगी।

एडमिशन फीस

इस कोर्स की फीस वैसे तो हर इंस्टिट्यूट की अलग-अलग होती है मगर देखा जाये तो फीस 10,000 से 60,000 रुपए एक साल की हो सकती है जो कि आपके कॉलेज पर निर्भर करेगी। यानि एक गवर्नमेंट इंस्टिट्यूट की फीस काफी कम होती है प्राइवेट के मुक़ाबले।

करियर के विकल्प

  • फिजिकल एजुकेशन टीचर (प्राइवेट – गवर्नमेंट)
  • स्पोर्ट्स इंस्ट्रक्टर / टीचर
  • योग इंस्ट्रक्टर
  • जिम इंस्ट्रक्टर

डिप्लोमा इन फिजिकल एज्यूकेशन (डीपीई)

डिप्लोमा इन फिजिकल एजुकेशन (डीपीई) एक 2 साल का डिप्लोमा प्रोग्राम है जो फिजिकल एजुकेशन पर फोकस करता है। इस कोर्स के बाद आप स्कूल में फिजिकल एजुकेशन टीचर या फिर स्पोर्ट्स इंस्ट्रक्टर के रूप में काम कर सकते हैं।

पात्रता (योग्यता)

  • मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास
  • न्यूनतम क्वालिफिकेशन मार्क्स 50%
  • 12वीं पास विज्ञान, आर्ट्स कॉमर्स में
  • विद्यार्थी जिनके पास फिजिकल एजुकेशन था स्कूल के दौरान, उन्हें प्रेफर किया जाता है।

एडमिशन का प्रोसेस जानें

डीपीई में एडमिशन के लिए भी एंट्रेंस एग्जाम देना होगा। कुछ इंस्टीटूट्स 12वीं के स्कोर के मेरिट बेसिस पर भी एडमिशन लेते हैं लेकिन ज्यादातर इंस्टीटूट्स में आपको एंट्रेंस एग्जाम देना होगा।

एंट्रेंस एग्जाम का पैटर्न कुछ यह होता है –

  • पहले आपको एक एंट्रेंस टेस्ट देना होगा। एंट्रेंस टेस्ट में 10+2 लेवल के प्रश्न आएंगे जो जनरल एप्टीटुड, सामान्य ज्ञान, साइंस, सोशल साइंस और इंग्लिश लैंग्वेज से होगा।
  • इसके अलावा एक फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट भी देना होगा जिसमें अलग-अलग स्पोर्ट्स के जरिये आपके स्किल को टेस्ट किया जायेगा।
  • एंट्रेस टेस्ट के बाद जीडी (ग्रुप डिस्कशन) और एक इंटरव्यू राउंड होगा।

एडमिशन की फीस

इस कोर्स की फीस वैसे तो हर इंस्टिट्यूट की अलग-अलग होती है मगर देखा जाये तो फीस 15,000 से 50,000 रुपए एक साल की हो सकती है जो कि आपके कॉलेज पर निर्भर करेगी।

यह फीस सरकारी और प्राइवेट इंस्टीटूट्स की अलग-अलग होती है। इसीलिए आपको एडमिशन से पहले जिस यूनिवर्सिटी या इंस्टिट्यूट में आप अप्लाई करना चाहते हैं उसका फी स्ट्रक्चर पता कर लें।

करियर के विकल्प

  • फिजिकल एजुकेशन टीचर (प्राइवेट – गवर्नमेंट)
  • स्पोर्ट्स इंस्ट्रक्टर / टीचर
  • योग इंस्ट्रक्टर
  • जिम इंस्ट्रक्टर

बी॰एड कोर्स

बी॰एड यानि बैचलर ऑफ़ एजुकेशन एक काफी वैल्युएबल कोर्स माना जाता है। इस कोर्स के बाद आपके पास बैचलर डिग्री की मान्यता हो जाती है।

पात्रता

बी॰एड कोर्स के लिए एक कैंडिडेट को ग्रेजुएट होना जरूरी है। अगर आप पोस्ट ग्रेजुएट हैं तो भी यह कोर्स कर सकते हैं। इस कोर्स को करने के लिए न्यूनतम पात्रता यह है –

  • बीए, बीएससी या बी॰कॉम में ग्रेजुएट होना जरूरी है।
  • इसमें न्यूनतम क्वालिफिकेशन मार्क्स 50% तक होना चाहिए।
  • पोस्ट ग्रेजुएशन की न्यूनतम क्वालिफिकेशन 55% तक होनी चाहिए।

एडमिशन प्रोसेस जानें

  • पहले आपको एक एंट्रेंस टेस्ट देना होगा। यह एंट्रेंस टेस्ट स्टेट लेवल, इंस्टीटूट्स, इंडिपेंडेंट एजुकेशनल बॉडीज या विश्वविद्यालयों द्वारा कंडक्ट करवाई जाएगी।
  • एंट्रेंस टेस्ट में ग्रेज्युएशन लेवल के प्रश्न आएंगे जो जनरल एप्टीटुड, सामान्य ज्ञान, साइंस, सोशल साइंस और इंग्लिश लैंग्वेज से होगा।
  • एंट्रेस टेस्ट के बाद जीडी (ग्रुप डिस्कशन) और एक इंटरव्यू राउंड होगा।

इस टेस्ट के आधार पर मेरिट लिस्ट निकलेगी जिससे आपकी रैंकिंग तय होगी।

एडमिशन फीस

इस कोर्स की फीस वैसे तो हर इंस्टिट्यूट की अलग-अलग होती है लेकिन देखा जाये तो फीस 15,000 से 50,000 रुपए तक साल की हो सकती है।

ये फीस सरकारी और निजी इंस्टीटूट्स की अलग-अलग होती है। इसीलिए आपको एडमिशन से पहले जिस यूनिवर्सिटी या इंस्टिट्यूट में आप अप्लाई करना चाहते हैं, उसका फीस स्ट्रक्चर पता कर लें।

करियर के विकल्प

बी॰एड सामान्यतः टीचिंग में एंट्री के लिए सबसे अच्छा कोर्स है। इस कोर्स के बाद आप आसानी से टीचिंग में अपना करियर शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा आप इन कुछ अवसरों में भी करियर बना सकते हैं –

  • अध्यापक
  • प्रबन्धक
  • कंटेंट राइटर
  • असिस्टेंट डीन
  • काउन्सलर
  • इंस्ट्रक्टर
  • लाइब्रेरियर
  • प्रिन्सिपल
  • एजुकेशनल रिसरचर
  • सिलेबस डिजानाइर

सरकारी अध्यापक कैसे बनें – सीटीईटी और टीईटी

सीटीईटी (सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) और टीईटी (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) सरकार द्वारा आयोजित किया जाने वाली एक परीक्षा है जिसके बाद आप किसी भी सरकारी विद्यालय में जॉब के लिए एलिजिबल हो जाते हैं। सीटीईटी परीक्षा सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकंडरी एजुकेशन द्वारा आयोजित की जाती है और इसका लक्ष्य होता है कि आप अध्यापक बनने के योग्य हैं या नहीं।

इसी तरह टीईटी परीक्षा होती है जो स्टेट लेवल पर टीचर बनने के लिए जरुरी है। ये टेस्ट स्टेट लेवल पर होता है और यह राज्य सरकार द्वारा आयोजित किया जाता है।

सीटीईटी / टीईटी के लिए योग्यता

  • सीटीईटी / टीईटी में परीक्षा देने के लिए आपको भारतीय नागरिक होना जरुरी है।
  • इसके अलावा न्यूनतम आयु सीमा 17 साल होनी चाहिए।

अब बात करते हैं कि अलग-अलग लेवल पर इस टेस्ट को देने की क्या एलिजिबिलिटी है।

प्राइमरी स्टेज के लिए योग्यता (क्लास 1 से 5 तक)

सीनियर सेकेंडरी क्वालिफाइड (10+2) + 2 साल का डिप्लोमा एलीमेंट्री एजुकेशन / 4 साल की डिग्री एलीमेंट्री एजुकेशन में।

या

सीनियर सेकंडरी क्वालिफाइड (10+2) + बीएड डिग्री।

सेकंडरी स्टेज के लिए क्वालिफ़िकेशन (कक्षा 6 से 8)

ग्रेजुएशन + साल का डिप्लोमा एलीमेंट्री एजुकेशन में।

या

ग्रेजुएशन + बीएड की डिग्री

या

सीनियर सेकंडरी क्वालिफाइड (10+2) + 4 साल का बैचलर कोर्स (बी॰एल॰एड)।

सीनियर सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी के लिए क्वालिफिकेशन (कक्षा 9 से 12)

पोस्ट ग्रेज्युएशन + बीएड की डिग्री

ध्यान दें– हम आपको बता दें कि सीटीईटी और टीईटी का एग्जाम देने के बाद आप किसी भी सरकारी विद्यालय में टीचर बनने के लिए योग्य हो जायेंगे। मगर जिस किसी भी सरकारी विद्यालय में आपको अप्लाई करना है आपको उस खास विद्यालय का भी एंट्रेंस टेस्ट देना होगा जैसे केंद्रीय विद्यालय या जवाहर नवोदय विद्यालय इत्यादि।

अगर अभी भी आपको टीचिंग के करियर से जुड़ा कोई सवाल या कोई जानकारी जानना चाहते हैं, तो नीचे कमेंट करें हम उसका जवाब जरूर देंगे।

जन्म से ही क्रिकेट का दीवाना हूँ लेकिन क्रिकेटर बन नहीं सका और अब विकिपीडियन बनकर खिलाड़ियों पर लिखना शौक बना दिया है।

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