मेडिकल स्टोर कैसे शुरू करें – बिजनेस प्लान

जीवन में हर कोई एक अच्छे मुकाम पर पहुंचना चाहता है, कामयाब होना चाहता है और तरक्की करना चाहता है। इसी कामयाबी को छूने के लिए हर कोई किसी न किसी काम में या बिज़नेस में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है। ऐसा ही एक काम है मेडिकल स्टोर बिज़नेस। मगर जानकारी के अभाव में कई लोग इस बिज़नेस के बारे में सोच कर रह जाते हैं। जी हाँ, जैसे ही कोई किसी फील्ड में काम करने के बारे में सोचता है उसके सामने जानकारी का आभाव सबसे बड़ी रुकावट बनकर आ जाता है। इस आर्टिकल में हम आपको मेडिकल स्टोर खोलने की प्रक्रिया और बिज़नेस से जुड़ी हर वो जानकारी देंगे जो आपको इसके लिए बहुत जरुरी है।

इस आर्टिकल में हम बताएँगे कि

मेडिकल स्टोर में बिजनेस के अवसर

कितना लाभ कमा सकते है

योग्यता क्या होनी चाहिए

मार्केट की जानकारी

पूंजी और इनफ्रास्ट्रक्चर

कानूनी प्रक्रियाएं

मार्केटिंग कैसे करें

महत्वपूर्ण जानकारी

मेडिकल स्टोर एक मेडिकल स्टोर बिज़नेस यानि केमिस्ट की शॉप का बिज़नेस एक बेहतरीन और एवरग्रीन बिज़नेस आईडिया है। भारत में केमिस्ट की शॉप का बिज़नेस एक ऐसा काम है जो कभी बंद नहीं होने वाला और न ही इस बिज़नेस में कभी कोई नुक्सान हो सकता है।

मगर जानकारी की कमी के कारण काफी लोग जो इस बिज़नेस को शुरू करना चाहते हैं उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आज हम इस ब्लॉग के माध्यम से उसी कमी को दूर करने की कोशिश करेंगे। इस आर्टिकल में हम हर उस पहलु पर बात करेंगे जो आपको फार्मेसी में बिज़नेस करने की शुरुआत से अंत तक की सारी जानकारी देगा।

मेडिकल स्टोर में बिजनेस के अवसर

मेडिकल स्टोर एक ऐसा बिज़नेस है जो कि कम लगत में चलने वाला एक बेहतरीन बिज़नेस है और काफी ज्यादा डिमांड के कारण एक सक्सेसफुल बिज़नेस आईडिया भी है। देश की इकॉनमी का इस सेक्टर में कुछ ख़ास प्रभाव नहीं पड़ता है क्यूंकि ये एक ऐसा फील्ड है जिसकी जरुरत हर किसी को होती है। कुछ स्टडीज की मानें तो 2050 तक भारत में करीब 20% लोग 60 या 60 से ज्यादा उम्र के होंगे जो कि एक ऐसा एज ग्रुप है जिसमें दवाइयों की मांग सबसे ज्यादा होती है।

इसीलिए ये कहना गलत नहीं होगा कि मेडिकल स्टोर बिज़नेस आज के दौर में आपके लिए काफी फायदेमंद होगा। पीडबल्यूसी द्वारा दी गयी रिपोर्ट की मानें तो भारत में फार्मेसी बिज़नेस जो की 2001 में 13000 करोड़ पर थी लेकिन 2020 में 35000 करोड़ तक पहुँच जाएगी। इससे आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि फार्मेसी में बिज़नेस करना आपके लिए कितना फायदेमंद हो सकता है।

इसके अलावा एक बार आपने एक सक्सेसफुल मेडिकल स्टोर खोल लिए तो आपको फ्यूचर में आने वाली प्रॉफिट के बारे में ज्यादा सोचना नहीं पड़ेगा और एक बार आपकी एक व्यक्तिगत दुकान चल जाएगी तो आप उसी दूकान को चैन फार्मेसी में भी कन्वर्ट कर सकते हैं। जिसमें आप अलग-अलग एरिया में उसी दूकान के नाम पर और भी फार्मेसी खोल सकते हैं।

कितना लाभ कमा सकते है

रिटेल मेडिकल स्टोर लाभ मार्जिन 5% – 30% तक करती है। इसमें हर तरह के प्रोडक्ट्स की मार्जिन अलग अलग होती है जैसे फँसज प्रोडक्ट्स की प्रॉफिट मार्जिन, जेनेरिक मेडिसिन्स, ओटीसी (ओवर-द-काउंटर) मेडिसिन्स, ब्रांडेड प्रिस्क्रिप्शन प्रोडक्ट्स। इसके बाद आप जो भी कुछ डिस्काउंट प्रोवाइड करते हैं जो कि 5% – 20% तक हो सकता है। उसके बाद आपका बेनिफिट मार्जिन करीब 5% – 25% तक बन सकता है। नीचे दिए गए पाई चार्ट से आप समझ सकते हैं कि हर एक प्रोडक्ट में कितनी बेनिफिट मार्जिन मिल सकती है और डिस्काउंट के बाद कितना प्रॉफिट मार्जिन मिल सकता है-

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मेडिकल बिजनेस में होने वाला मुनाफा

कैसे शुरू करें मेडिकल स्टोर का बिजनेस

योग्यता

मेडिकल स्टोर खोलने के लिए एक न्यूनतम योग्यता (क्वालिफिकेशन) की जरुरत होती है। कोई भी जो कि केमिस्ट की दूकान खोलना चाह रहा हो उसे 12वीं में विज्ञान विषय पढ़ा हुआ होना चाहिए और ग्रेजुएशन में फार्मा की डिग्री होनी चाइये। ये क्वालिफिकेशन उस इंसान की होनी चाहिए जिसके नाम पर ड्रग लाइसेंस जारी किया जा रहा हो (ड्रग लाइसेंस की पूरी जानकारी आपको आगे मिलेगी)। ध्यान रहे, ये जरुरी नहीं है कि अगर आप शॉप के मालिक हैं तो आपके पास ये क्वालिफिकेशन हो। आपके किसी जानने वाले के पास भी अगर ये क्वालिफिकेशन होगी तो भी आप शॉप के लिए ड्रग लाइसेंस निकलवा सकते हैं जो कि दूकान खोलने के प्रोसेस में एक काफी इम्पोर्टेन्ट स्टेप है।

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मूल स्रोत: फार्मा हेल्प

आपके पास या आपके किसी जानने वाले के पास अगर ग्रेजुएशन में इनमें से कोई भी डिग्री है तो वो दूकान के ड्रग लाइसेंस के लिए योग्य है।

नोट: ध्यान रहे कि मेडिकल स्टोर खोलने के लिए जिसके नाम पर ड्रग लाइसेंस जारी किया गया हो उसका आपके साथ शॉप पर होना जरुरी है। अगर वो व्यक्ति आपके साथ शॉप पर मौजूद नहीं होगा तो कभी भी ड्रग इंस्पेक्शन के तरफ से आपका लाइसेंस रद्द हो सकता है। इसके अलावा अगर आपके पास 1 साल का ड्रग एंड मेडिसिन फील्ड में एक्सपीरियंस है तो आप बिना लाइसेंस्ड कैरिंग पर्सन के भी अपना काम चला सकते हैं।

क्वालिफिकेशन के बाद अगला स्टेप आता है मार्केट रिसर्च का यानि ये पता करने का कि आपकी दुकान कैसे और कहाँ अच्छी चल सकती है और वो क्या इम्पोर्टेन्ट फैक्टर्स हैं जो दुकान खोलने से पहले ध्यान में रखना जरुरी है।

मार्केट की जानकारी

मेडिकल स्टोर खोलने से पहले मार्केट एरिया को लेकर कई सारे फैक्टर्स हैं जिनको आप ध्यान में रखें। इन फैक्टर्स पर ही यह तय होगा कि आपकी शॉप कैसी होनी चाहिए और कौन से एरिया में अच्छी चलेगी।

पहले से बने मेडिकल स्टोर खरीदें या नई स्टोर खोलें

एक खुद की मेडिकल स्टोर बिज़नेस खोलने के लिए या तो आप किसी पहले से बनी फार्मेसी को खरीद सकते हैं या फिर अपनी खुद की दुकान शुरू कर सकते हैं। इन दोनों तरीके के अलग-अलग फायदे और नुकसान हैं।

पहले से बनी फार्मेसी

फायदा


  • बनी बनाई फार्मसी और कंज्यूमर भी बने हुए पाएँ।
  • पुराने स्टाफ को अपने साथ रखा जा सकता है।
  • बहुत ज्यादा विज्ञापन या प्रचार की जरूरत नहीं होती है।

नुकसान


  • बनी बनाई दुकान को खरीदना महंगा होता है।
  • खरीदने के लिए ज्यादा लॉन लेने की जरूरत पड़ सकती है।
  • दुकान जहां है वहीं आपको अपना बिजनेस शुरू करना होगा।

नई फार्मेसी

फायदा


  • नई दुकान खड़ी करने में इनवेस्टमेंट कम लगती है।
  • कम पैसों में भी दुकान शुरू किया जा सकता है।
  • अपने मन चाहे लोकेशन पर दुकान शुरू कर सकते है।

नुकसान


  • नई दुकान खोलें और नए कंज़्यूमर को अटरैक्ट करें।
  • नए स्टाफ को हायर करने की जरूरत होती है।
  • कंज्यूमर बढ़ाने के लिए प्रोमोशन करना पड़ेगा।
2. इलाके और एरिया के लिए रिसर्च करें

इलाके के बारे में जानकारी निकालने पर आपको यह समझ आ जाएगा कि ऐसी क्या चीज या फ़ैसिलिटी है जो कि सिर्फ आपकी शॉप प्रोवाइड कर सकती है जो कि बाकी नहीं कर पा रही है, जैसे मेडिसिन की होम डिलिवरी इत्यादि। लोकल्टी या एरिया रिसर्च करते समय इन कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए –

  • इस बात की रिसर्च करें कि आपके एरिया में किस आयु वर्ग के लोग ज्यादा रहते हैं। जैसे कि जिस एरिया में बूढ़े या बच्चे ज्यादा होंगे उस एरिया में दवाइयों की डिमांड भी ज्यादा होगी क्यूंकि इस आयु वर्ग में लोग बीमार ज्यादा पड़ते हैं।
  • अपने इलाके की आर्थिक स्थिति के बारे में पता करें। अगर आपके इलाके के लोगों आर्थिक स्थिति नीचे हैं तो आपको दवाइयों का दाम भी उसी के लेवल पर कम रखना होगा और अगर आर्थिक स्थिति अच्छी है तो आप उसी तरह से दवाइयों का दाम रख सकते हैं।
  • ध्यान रखें कि आपके एरिया में कितने मेडिकल स्टोर है। जितने ज्यादा मेडिकल स्टोर आपके चुने हुए इलाके में होंगे आपके लिए उतनी ही कठिनाई होगी और ग्राहक बढ़ाने के लिए आपको बहुत मेहनत करनी पड़ेगी।
  • आस-पास के मेडिकल स्टोर बिज़नेस आपको ये अंदाज़ा दे सकते हैं कि वो एरिया बिज़नेस शुरू करने के लिए फायदेमंद होगा या नहीं। जैसे कि अगर कोई बड़ा ब्रांड आपके चुने हुए एरिया में अपना बिज़नेस चला रहा है इसका मतलब है कि उस ब्रांड ने भी काफी रिसर्च किया होगा और उसके बाद ही अपना बिज़नेस शुरू किया होगा। मतलब वो एरिया आपके लिए भी फायदेमंद हो सकता है।
  • ये भी पता करें कि क्या आपके द्वारा चुने हुए एरिया में कोई और भी केमिस्ट की दुकान थी जो कि हाल ही के समय में बंद हुई हो। अगर हाँ, तो क्या कारण था जिसकी वजह से बंद हुई इसका पता लगाएँ। क्या पता कुछ फायदा नहीं हुआ होगा और उसी कारण हटाई हो।

पूंजी और इनफ्रास्ट्रक्चर

मेडिकल स्टोर बिज़नेस खोलने के लिए जो इन्वेस्टमेंट लगती है वो कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है जैसे आपके बिज़नेस का एरिया कौनसा है, बिज़नेस का लेवल क्या है, यानि आप रिटेलर की तरह अपनी दूकान शुरू कर रहे हैं, कोई डिस्ट्रीब्यूटर हैं या फिर दवाइयों की होलसेल की शॉप खोल रहे हैं। इसके अलावा आपका ओवरआल फाइनेंस आपके शॉप की रेंट, विज्ञापन कॉस्ट, लीगल फीस रेनोवशन्स और हर उस इन्वेस्टमेंट पर निर्भर करती है जो आपको शॉप खोलने में लगेगी।

फिर भी अगर अंदाज़ा लगाया जाये तो अगर आपके पास 4-5 लाख तक इन्वेस्टमेंट है तो आप एक 10 स्क्वेयरफीट की केमिस्ट की शॉप खोल सकते हैं जिसमें ड्रग लाइसेंस फी और मेडिसिन स्टॉक शामिल होगा (एक्सक्लूडिंग शॉप रेंट/इंफ्रास्ट्रक्चर/शॉप पर्चासिंग कॉस्ट)।

मेडिकल स्टोर बिज़नेस में आपको अपनी शॉप में कई तरह की दवाइयां और अन्य सामग्रियाँ रखनी होती हैं। इसीलिए हर दवाइयों का डिवीज़न और सबको सही तरीके से अरेंज करके रखने के लिए कई सारे रैक्स, ड्रॉअर तथा सेल्फ़्स की जरुरत होती है। तो आईये जानते हैं कि कौन-कौनसे फर्नीचर्स की जरुरत होती है और लगभग कितना दाम आएगा –

फर्नीचर क्वांटिटी प्राइस (लगभग)

शोकेस स्लाइडिंग ग्लास के साथ

1 10,500 रुपए

मेडिकल स्टोर डिस्प्ले रैक्स

1 18,000 रुपए

फार्मेसी रैक्स

1 21,000 रुपए

फार्मेसी काउंटर ड्रॉअर के साथ

1 8000 रुपए

मेडिकल स्टोर काउंटर

1 39,000 रुपए

कैश काउंटर

1 4,700 रुपए

कंप्यूटर काउंटर

1 4,500 रुपए

कुल 105,700 रुपए

मूल स्रोत: इंडिया मार्ट

तो अगर देखा जाये तोह इंफ्रास्ट्रक्चर + डॉक्यूमेंटेशन + स्टॉक को जोड़ कर देखा जाये तो आपका कुल बजट 5-7 लाख में हो जाना चाहिए। इससे आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि आपका लगभग कितना खर्च आ जायेगा एक मेडिकल स्टोर बिज़नेस स्टार्ट करने में।

पूरे बिजनेस का खर्चा

रुपए 5,00,000 – 7,00,000

इसके अलावा अपने एरिया में अगर आपको शॉप खरीदनी हो या फिर रेंट पर लेना हो तो आप नीचे दिए गए वेबसाइट पर जाकर कॉस्ट और रेन्ट्स पता कर सकते हैं। इससे आपको मेडिकल स्टोर लाइसेंस फीस और स्टॉक के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट का भी अंदाज़ा लग जायेगा।

इनवेस्टमेंट के लिए आप इन 3 तरीकों में से किसी भी एक को चयन कर सकते है –

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पर्सनल इन्वेस्टमेंट – पर्सनल इन्वेस्टमेंट यानि अपने ही पैसों को अपने शॉप के लिए इन्वेस्ट करना सबसे अच्छा विकल्प होता है। कारण इससे आपको मेडिकल स्टोर लोन लेने की जरुरत नहीं पड़ेगी जो कि आपको फ्यूचर में वापिस देना पड़ता है। इसके अलावा अगर फ्यूचर में किसी और से इन्वेस्टमेंट करनी पड़ जाये तो आपकी खुद से की गयी इन्वेस्टमेंट आपके इन्वेस्टर के लिए एक ट्रस्ट पॉइंट बन जायेगा कि आप अपने बिज़नेस के बारे में सीरियस हैं।

एंजेल इन्वेस्टर– एंजेल इन्वेस्टर्स वो लोग होते हैं जो काफी अमीर होते हैं और वो छोटे बिजनेसमैन में डायरेक्टली इन्वेस्ट करते हैं। इन इन्वेस्टर्स को सामान्यतः काफी अनुभवी होते है और आपके मेडिकल स्टोर बिज़नेस को बढ़ाने में वो आपकी काफी मदद कर सकते हैं। एंजेल इन्वेस्टर्स को आप इंटरनेट पर अपने स्टेट के अनुसार ढूंढ सकते हैं।

ध्यान रखें कि इन इन्वेस्टर्स तक पहुँचने से पहले अपने शॉप को खोलने के लिए पूरा प्लान तैयार रखें और एक डॉक्यूमेंट बना लें जो आप उन्हें समझा सकें।

बैंक लॉन – बैंक लॉन किसी भी छोटे या बड़े बिज़नेस के लिए काफी इम्पोर्टेन्ट रोल निभाता है। अगर आपके पास अपना खुद का इन्वेस्टमेंट नहीं है तो आप बैंक से मेडिकल स्टोर लोन सैंक्शन करवा सकते हैं। बैंक से लोन सैंक्शन करवाने के लिए आपको कुछ चीज़ों की रिक्वायरमेंट्स होंगी जैसे –

  • आपकी आयु 21-65 साल की होनी चाहिए।
  • आपको एक प्रॉफिट मार्जिन दिखानी होगी जो बैंक को ट्रस्ट प्रोवाइड करेगा। प्रॉफिट कम से कम डेढ़ लाख रुपए होनी चाहिए।
  • एक प्रॉपर बिज़नेस प्लान दिखाना होगा जो कि लोन प्रोवाइडर को आपके बिज़नेस के बारे में पूरी जानकारी दे सके।

फाइनेंस में एक और काफी इम्पोर्टेन्ट फैक्टर होता है आपके शॉप की इन्शोरेंस का. भारत में लोग इन्शोरेंस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं जबकि आपको कभी किसी भी नुक्सान जैसे चोरी या कोई एक्सीडेंट से बचने के लिए शॉप की इन्शोरेंस करवाना काफी जरुरी है। इसके लिए भी आपको किसी इन्शोरेंस कंपनी से कांटेक्ट करना होगा। ज्यादा जानकारी के लिए आप यहाँ क्लिक करें।

कानूनी प्रक्रियाएं

मेडिकल स्टोर बिजनेस में टैक्स रजिस्ट्रेशन का मतलब है VAT (Value Added Tax) रजिस्ट्रेशन। भारत में कोई प्रॉडक्ट या किसी सामान को बिजनेस के जरिये VAT रजिस्ट्रेशन की जरूरत होती है। अगर मेडिकल स्टोर यानि फार्मसी की बात की जाये तो इन्हें 2 तरीके का रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है – टैक्स (VAT/GST) रजिस्ट्रेशन और ड्रग्स/फार्मसी लाइसेन्स। आगे विस्तार से जानते है कि ये दोनों लाइसेन्स क्या है और कैसे पाये जा सकते है।

टैक्स रजिस्ट्रेशन – VAT

मेडिकल स्टोर बिज़नेस में टैक्स रजिस्ट्रेशन का मतलब है जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) रजिस्ट्रेशन। भारत में कोई प्रोडक्ट या किसी सामन को बिज़नेस के जरिये बेचने के लिए जीएसटी रेजिस्ट्रेशन्स की जरुरत होती है। वैट रजिस्ट्रेशन स्टेट गवर्नमेंट के अंडर आती है।मतलब अगर आप अपनी केमिस्ट शॉप दिल्ली में खोलना चाहते हैं तो आपको दिल्ली वैट रजिस्ट्रेशन की ऑफिसियल साइट पे जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा।

इसी तरह हर स्टेट की वैट रजिस्ट्रेशन के लिए उस स्टेट की स्पेसिफिक वैट रजिस्ट्रेशन साइट पर जाकर जानकारी लेनी होगी। नीचे हमने कुछ स्टेट्स की वैट रेजिस्ट्रेशन्स की साइट्स मेंशन की है।

मेडिकल स्टोर बिज़नेस में टैक्स रजिस्ट्रेशन का मतलब है जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) रजिस्ट्रेशन। भारत में कोई प्रोडक्ट या किसी सामान को बिज़नेस के जरिये बेचने के लिए जीएसटी रेजिस्ट्रेशन्स की जरुरत होती है।

टैक्स रजिस्ट्रेशन – जीएसटी

पहले टैक्स रजिस्ट्रेशन के लिए लोग वैट सर्विस लेते थे मगर अब जमाना जीएसटी (गुड एंड सर्विस टैक्स) का आ गया है। जीएसटी के अंडर आप अपने बिज़नेस को रजिस्टर कराकर टैक्स के प्रोसेस को पूरा कर सकते हैं जो कि अनिवार्य है।

जीएसटी रजिस्ट्रेशन एक साधारण और आसान प्रोसेस है जो भारत में कहीं से भी ऑनलाइन फॉर्म भरके पूरी की जा सकती है। जीएसटी के लिए कुछ महत्वपूर्ण डॉक्युमेंट्स है जिनकी जरूरत होती है जैसे –

GST registration ke liye jaruri documents

मूल स्रोत: इंडिया फाइलिंग

जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए आपको जीएसटी की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। जीएसटी की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के लिए यहाँ क्लिक करें – गुड्स एंड सर्विस टैक्स

इसके अलावा जीएसटी फॉर्म कैसे भरें, जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

ड्रग्स/फार्मेसी रजिस्ट्रेशन कैसे करें

मेडिकल स्टोर या फार्मेसी का रिटेल बिज़नेस शुरू करने के लिए आपको ड्रग लाइसेंस लेना अनिवार्य है। जब तक आपके पास ड्रग लाइसेंस नहीं होगा आप अपनी फार्मेसी ऑपरेट नहीं कर सकते हैं। ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 द्वारा ये नियम ऑल ओवर इंडिया अनिवार्य कर दिया गया है।

अगर कोई ड्रग का रिटेल बिज़नेस यानि मेडिकल स्टोर आपको 1 से ज्यादा शहर में खोलनी है तो आपको हर उस शहर के लिए लाइसेंस लेना होगा जहाँ आप शॉप खोलना चाह रहे हैं। इसके अलावा अगर आपकी केमिस्ट शॉप एक ही शहर में एक से ज्यादा जगहों पर है तो उन दोनों जगहों के लिए आपको अलग-अलग एप्लिकेशन देकर लाइसेंस जारी करना होगा।

ध्यान रहें कि ड्रग्स लाइसेन्स लेने के लिए आपको भी अपनी शॉप को एक एलएलपी या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह रजिस्टर करना होगा।

ड्रग्स लाइसेन्स प्रोवाइड करने वाले दो औथोरिटी है –

क्योंकि आपको केमिस्ट रिटेल शॉप खोलने के लिए ड्रग लाइसेंस चाहिए, आपको अपने राज्य के स्टेट ड्रग स्टैण्डर्ड कण्ट्रोल आर्गेनाइजेशन (एसडीएससीओ) से संपर्क करना होगा। हर राज्य के लिए उनका अपना एसडीएससीओ होता है जिनकी डिटेल्स आप इस पीडीऍफ़ से ले सकते हैं –

स्टेट ड्रग्स कंट्रोल ऑर्गनाइज़ेशन लिस्ट

मूल स्रोत: इंडिया फाइलिंग

ड्रग्स लाइसेन्स के लिए जरूरी बातें

ड्रग्स लाइसेन्स लेने के लिए ये कुछ जरूरी बातें है जो आपको ध्यान रखनी है –

  • एरिया: केमिस्ट शॉप खोलने के लिए आपके पास 10 स्क्वायर मीटर का न्यूनतम एरिया होना चाहिए। अगर आप रिटेल और होलसेल दोनों का बिज़नेस साथ में खोलना चाह रहे हैं तो कम से कम 15 स्क्वायर मीटर का एरिया होना जरुरी है।
  • इनफ्रास्ट्रक्चर: केमिस्ट अलग-अलग तरह की कई सारी मेडिसिन होती है। इसके अलावा कई बार आप कुछ छोटे मेडिकल इक्यूपमेंट भी रखेंगे अपनी शॉप में। इसलिए आपकी दुकान में मल्टीपल शेल्व या डिवीजन होनी चाहिए जिसकी जानकारी आपको टेबल में मिल जाएगी।

इसके अलावा आपकी दुकान का एक सेक्सन एक्स्पायर्ड दवाइयों का भी होना चाहिए जिसमें खराब और पुरानी दवाइयाँ रख सकें।

  • स्टोरेज फेसिलिटी: आपके शॉप में एक रेफ्रीजिरेटर और एक एयर कंडीशनर भी होना जरूरी है। कुछ विशेष मेडिसिन्स और ड्रग्स जैसे वैक्सीन्स सेरा या इन्सुलिन इंजेक्शंस को विशेष रूप से मार्क करके रेफ्रीजिरेटर में ही रखना होता है।
  • टेक्निकल स्टाफ: रिटेल ड्रग सेल के लिए आपको अपनी शॉप में रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट को रखना होगा जो कि गवर्नमेंट द्वारा सत्यापित है। इन में से कोई भी एक क्राइटेरिया को फुलफिल करने वाले को आप अपनी फार्मेसी में रख सकते हैं –
    • स्टेट फार्मासिस्ट काउंसिल के अंडर रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट।
    • एक ग्रेज्युएट जिसके पास न्यूनतम एक साल का ड्रग्स सेल और मार्केटिंग में अनुभवी हो।
    • कोई ऐसा जिसके पास 4 साल का अनुभव हो और एसएसएलसी सर्टिफाइड हो।
    • कोई डिपार्टमेन्ट जो ड्रग्स कंट्रोल द्वारा अप्रूव होना चाहिए।

इसके अलावा आपको अपने साथ एक हेल्पर या कोई और फार्मासिस्ट रखना जरुरी है जो आपकी मदद कर सके। फार्मासिस्ट आपको वर्किंग हावर्स में काउंटर पर ही रहना होगा और इसलिए बाकि सारी चीज़ें जैसे नए मेडिसिन के स्टॉक्स को अरेंज करना, मेडिसिन्स को लेकर काउंटर पर देना, नए स्टॉक के लिए डिस्ट्रीब्यूटर से फॉलो-उप लेना, एक हेल्पर आपके ये सारे काम कर सकता है।

ड्रग्स लाइसेन्स के लिए जरूरी डॉक्युमेंट्स

ड्रग लाइसेंस के लिए आपको अपने रिस्पेक्टिव स्टेट ड्रग लाइसेंस अथॉरिटी की वेबसाइट पर जाकर एक फॉर्म भरना होता है। हर एक फॉर्म अलग-अलग क्राइटेरिया के लिए वेबसाइट पर उपलब्ध है जैसे –

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मेडिकल स्टोर में रिटेल बिज़नेस शुरू करने के लिए आपको वो लाइसेंस लेना होगा जो कि फॉर्म 20 द्वारा मिलेगा। फॉर्म 20 के साथ साथ आपको कुछ और जरुरी डाक्यूमेंट्स चाहिए जो कि आपको रिटेल फार्मेसी शॉप खोलने के लिए अनिवार्य हैं –

Pharmacy business kholne ke liye jaruri documents

मूल स्रोत: ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेन्ट, दिल्ली

ड्रग लाइसेंस के फॉर्म से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।

इनके अलावा कुछ और भी जरुरी डाक्यूमेंट्स हैं जो कि फॉर्म के साथ-साथ ड्रग लाइसेंस के लिए चाहिए। ये डाक्यूमेंट्स 100 कॉपी ब्लैक एंड वाइट में होनी चाहिए और इन्हें स्कैन करके ऑनलाइन ऍप्लिकैंट्स द्वारा अपलोड किया जायेगा। इन डाक्यूमेंट्स की ओरिजिनल कॉपी आपके पास होनी चाहिए जो कि सारे प्रोसेस के पूरा होने के बाद इंस्पेक्शन के दौरान आप से माँगा जायेगा।

  • एप्लिकेशन फॉर्म
  • रेंट एग्रीमेंट/फार्मसी प्रेमिस का ऑनरहिप डॉकयुमेंट।
  • प्रेमिस साइट प्लान और की प्लान।
  • डिक्लेरेशन फॉर्म।
  • कवरींग लेटर।
  • फीस चालान।
  • फ्रीज़, एर कंडीशनर इत्यादि की पर्चेसिंग बिल, बिजली बिल इत्यादि।
  • इनकारपोरेशन सर्टिफिकेट एओए और एमओए के ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स।
  • रजिस्टर्ड फरमासिस्ट या कोंपिटेंट व्यक्ति का शपथ पत्र और फूल टाइम इम्प्लोयमेंट एपाइंटमेंट लेटर की कॉपी (ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के अनुसार)।
  • प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद।
  • रुपए 2 स्टांप (4 कॉपी)

मार्केटिंग कैसे करें

किसी भी बिज़नेस चाहे वो छोटा हो या बड़ा उसे आगे बढ़ने के लिए अच्छी मार्केटिंग करना बहुत ज्यादा जरूरी है। इसके लिए ध्यान रखें कि आपके बिज़नेस के अनुसार ऐसे कौन से मार्केटिंग के तरीके हैं जिससे आप ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपने बिज़नेस को पहुंचा सकते हैं। मेडिकल स्टोर बिज़नेस एक ऐसा सर्विस है जिसकी हर किसी को जरुरत होती है और इसमें कभी कमी नहीं आ सकती है।

अब बात ये है कि आप अपने बाकि कॉम्पिटिटर्स के कंपेरिशन में ऐसा क्या कर रहे हैं जो कि आपके बिजनेस बाकियों से अलग बना रहा है और आपके कस्टमर्स की लिस्ट बढ़ा रहा है। अपने बिज़नेस को आगे बढ़ने के लिए आपको इन 3 बातों का ध्यान रखना होगा – शॉप का प्रचार आपका, अपने कस्टमर्स से बर्ताव और कस्टमर्स के लाभ। तो आईये बात करते हैं इन तीनो तरीकों के बारे में और कैसे आप अपने बिज़नेस को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा सकते हैं।

विज्ञापन (प्रचार) – आप अपने दुकान का प्रचार कई माध्यम से कर सकते हैं। कुछ तरीके ऑनलाइन किये जायेंगे तो कुछ ऑफलाइन। बात करते हैं इन सारे तरीकों के बारे में –

ऑनलाइन विज्ञापन

गूगल माय बिजनेस – गूगल माय बिज़नेस गूगल की तरफ से एक फ्री टूल है जिससे आप अपने बिज़नेस को गूगल की लिस्टिंग में डाल सकते हैं। इसका फायदा ये है कि जब भी कोई गूगल पर सर्च करेगा कि आस-पास मेडिकल स्टोर कहाँ है या फिर सीधा आपके नाम से आपकी दुकान ढूंढ़ना चाहेगा तो उसे बहुत आसानी से आपकी शॉप का सारा डिटेल गूगल पर मिल जायेगा।

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गूगल माय बिज़नेस आपके शॉप का नाम, शॉप तक पहुँचने का डायरेक्शन, फ़ोन नंबर, रिव्यू, रेटिंग्स, फोटो और डिटेल्स सब कुछ एक ही जगह पर आपके कस्टमर तक पहुंचा देगा। इसके अलावा अगर कोई किसी एरिया में अपने आस-पास मेडिकल स्टोर की शॉप ढूंढ रहा है और आपका पार्लर उस क्षेत्र के रेंज में आ रहा है तो आपके शॉप का नाम और डिटेल भी गूगल की लिस्ट में आ जायेगा। इससे आसानी से आपकी फार्मेसी को कोई भी ऑनलाइन ढूंढ सकता है।

गूगल माय बिज़नेस में अकाउंट बनाना काफी आसान है। नीचे दिए गए फोटो के स्टेप्स को फॉलो करके आप आसानी से अपना अकाउंट बना सकते हैं –

Janiye kaise banate hain Google My business pe account

गूगल माय बिज़नेस की ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।

जस्ट डायल – जस्ट डायल एक ऐसा प्लेटफार्म है जो कि किसी भी क्षेत्र के लोकल बिजनेस की इनफार्मेशन प्रोवाइड कराता है जो कि आपको या तो इंटरनेट के माध्यम से आसानी से पता चल जाता है।

Just Dial mein account kaise banayein

जस्ट डायल में भी गूगल माय बिज़नेस की तरह आपको अपना बिजनेस रजिस्टर करना होगा। अंतर बस इतना है कि जस्ट डायल में आप दो तरह की लिस्टिंग करा सकते हैं फ्री लिस्टिंग या फिर पेड लिस्टिंग।

रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस काफी सिंपल होता है और ये आप ऑनलाइन उनकी वेबसाइट से करा सकते हैं या फिर आप 8888888888 पर कॉल करके भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। जस्ट डायल में फ्री लिस्टिंग करने के लिए यहाँ क्लिक करें – जस्ट डायल फ्री लिस्टिंग और पेड लिस्टिंग कराने के लिए यहाँ क्लिक करें – जस्ट डायल पेड लिस्टिंग।

ऑफलाइन

होर्डिंग – मेडिकल स्टोर बिज़नेस ऐसा बिज़नेस है जो कि लोग ज्यादातर ऑफलाइन यानि बिना इंटरनेट के माध्याम से ढूंढ़ते हैं। इसीलिए ये जरुरी है कि आप अपने बिज़नेस का प्रचार होर्डिंग और पेपर मीडिया के माध्यम से भी करें। होर्डिंग को लेकर आपको कुछ इम्पोर्टेन्ट बातों का ध्यान रखना चाहिए जैसे

  • पार्लर खोलने से कुछ दिनों पहले आप अपने शॉप के आगे “ओपनिंग सून” का होर्डिंग जरूर लगा दें। ताकि आते-जाते लोगों को पता रहे कि एक नया मेडिकल स्टोर उनके एरिया में खुलने वाला है।
  • आप अपने मेडिकल स्टोर की होर्डिंग्स हर उस क्षेत्र में लगवा दें जहाँ लोगों की भीड़ हो या जहाँ मार्केट है जैसे मार्केट्स में, कॉलोनीज में, कॉस्मेटिक शॉप्स के आस पास, अपने एरिया के रेजिडेंशियल एरिया के आस पास इत्यादि।

पैम्फलेट – अपने शॉप का प्रचार आप पैम्फलेट के माध्यम से भी कर सकते हैं। इसे या तो आप खुद आने-जाने वाले लोगों को दें या फिर अपने एरिया के लोकल समाचार पत्र देने वाले को कुछ पैसे देकर भी घर घर तक पहुंचा सकते हैं।

येलो पेज – येलो पेज एक डायरेक्टरी है जिसमें आपके शहर के हर एरिया के छोटे से लेकर बड़े बिजनेस के नंबर्स और एड्रेस होते हैं। येलो पेज में रजिस्टर करने और ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।

बर्ताव – एक काफी जाना माना कहावत है –

ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय |

औरन को शीतल करै, आपहु शीतल होय ||

कहने का मतलब है यह है कि लोगों से इस तरह से बात करें कि औरों के साथ-साथ आपको भी ख़ुशी मिले। आपके बर्ताव का लोगों के मन पर काफी असर पड़ता है। अगर एक कोई आपसे बुरी तरह से बात करे और एक कोई आप से प्रेम से बात करे तो ये पक्का है कि आपको अच्छे से बात करने वाले ही लोग काम आएंगे।

उसी तरह अगर आप अपने कस्टमर से प्रेम से बात करेंगे और उन्हें बेहतरीन सर्विस प्रोवाइड करेंगे तो लोग आपके शॉप में बार-बार आएंगे।

कस्टमर के बेनिफ़िट – आप जितना ज्यादा अपने कस्टमर का ध्यान रखेंगे आपका बिजनेस उतना ही ज्यादा लोगों के बीच मशहूर होगा। इसलिए कस्टमर से जुड़ी इन कुछ बातों का पूरा ध्यान रखना चाहिए –

  • अपने कस्टमर को आसान सर्विस प्रोवाइड करने की कोशिश करें। जितनी आसानी से और कम समय में आपकी शॉप से लोग सर्विस ले पाएंगे उतना ही ज्यादा लोग आपकी शॉप पर आना पसंद करेंगे।
  • दूसरे मेडिकल स्टोर के मुक़ाबले में ध्यान रखें कि ऐसी कौन सी सर्विसे या प्रोडक्ट्स हैं जो कि आप लोगों को दे सकते हैं। जैसे सप्ताह में किसी दिन अपनी सर्विस को घर पर भी जाकर देना, ऑफर्स और डिस्कोउन्ट देना इत्यादि।
  • जब भी कोई कस्टमर आपके शॉप पर आये उसका आदर करें। कई बार कस्टमर्स आपके शॉप पर आता है और उसे कोई अटेंड करने वाला नहीं होता, ऐसे में कुछ कस्टमर आपका व्यवहार पसंद नहीं करते हैं और वापिस आपकी शॉप पर आना पसंद नहीं करते हैं।
  • कोशिश करें कि बाकियों के मुक़ाबले में आप अपने कस्टमर्स को ज्यादा से ज्यादा और अच्छे डिस्कोउन्ट, ऑफर करने की कोशिश करें। अगर आपके ऑफर्स अच्छे होंगे तो लोग आपकी शॉप पर आना ज्यादा पसंद करेंगे।

इसके अलावा जब भी आप ऑफर या डिस्काउंट दें तो उसका विज्ञापन जरूर करें। विज्ञापन करने के लिए आप अपने मेडिकल के बाहर बोर्ड लगा सकते हैं और अपने हर कस्टमर्स को भी बताएं कि आप अपनी दवाइयों पर ऑफर दे रहे हैं। इससे आपके कस्टमर्स और भी लोगों को ऑफर के बारे में बताएँगे और आपका अपने आप ही प्रचार हो जायेगा।

  • डिस्काउंट ऑफर्स के अलावा आप कुछ अमाउंट खर्च करने पर कूपन भी प्रोवाइड करा सकते हैं। उससे कूपन के लिए लोग उतनी सर्विस लेने की सोचेंगे और आपका सेल पहले से बेहतर हो जायेगा।
  • एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात है पेमेंट का तरीका। आज का दौर डिजिटाइजेशन की और बढ़ रहा है। ऐसे में कोशिश करें कि आपके कस्टमर को पेमेंट करने में कोई दिक्कत न आयें। कार्ड पेमेंट से लेकर ऑनलाइन जितने भी माध्यम हैं उन्हें अपनी शॉप में उपलब्ध रखें ताकि लोग आसानी से किसी भी मोड में पेमेंट कर सकें।

हमें उम्मीद है कि इस बिज़नेस प्लान से आपको समझ आ गया होगा कि कैसे आप एक खुद का मेडिकल स्टोर का बिज़नेस शुरू कर सकते हैं। अगर आपके मन में इसके अलावा और भी कोई सवाल है तो कमेंट करके हमसे जरूर पूछें।

यदि आप लेडीज ब्यूटी पार्लर खोलने के बारे में सोच रहे है तो इस आर्टिकल को पढ़ें – खुद का लेडीज ब्यूटी पार्लर कैसे खोलें

जन्म से ही क्रिकेट का दीवाना हूँ लेकिन क्रिकेटर बन नहीं सका और अब विकिपीडियन बनकर खिलाड़ियों पर लिखना शौक बना दिया है।

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