डिजिटल मार्केटिंग के इंटरव्यू में पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब

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आज के समय में हर कोई एक अच्छी नौकरी हासिल करना चाहता है और इसके लिए अच्छी प्रोफाइल भी बनानी बहुत जरूरी होता है क्योंकि इसी के आधार पर आपको अच्छी जॉब मिल पाती है. आज सबसे ज्यादा नौकरियां डिजिटल मार्केटिंग में निकलती है और इसमें काफी लोग अपना करियर बनाना चाहते है. जी हाँ, इस प्रोफाइल में आज बहुत जगह नौकरियां निकलती रहती है और साथ ही अच्छी सैलरी भी मिलती है. तो आज आप इस आर्टिकल में डिजिटल मार्केटिंग में होने वाले इंटरव्यू के बारे में जानेंगे कि यह क्या होता है और इसके इंटरव्यू में क्या-क्या पूछा जाता है.

आप नीचे दिए गए टॉपिक पर जाकर पढ़ सकते है

  1. डिजिटल मार्केटिंग क्या है ?
  2. डिजिटल मार्केटिंग की पहुँच कहाँ तक है ?
  3. कैसे बनें एक बहतरीन डिजिटल मार्केटर ?
  4. सामान्य स्तर के सवाल और उनके जवाब.
  5. डिजिटल मार्केटिंग में उपयोग किये जाने वाले संक्षिप्त रूप

तो आइये, जानते है कि यह क्या होता है और इसके इंटरव्यू में कैसे सवाल पूछे जाते है और उनके सवाल और जवाब.

डिजिटल मार्केटिंग क्या है ?

डिजिटल मार्केटिंग, जो कि मार्केटिंग का एक तरीका है जो की डिजिटल टेक्नोलॉजी को उपयोग करके किया जाता है. इसमें अलग-अलग माध्यम से आप अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग कर सकते हैं जैसे कि सर्च एड्स, डिस्प्ले एड्स, मोबाइल फ़ोन इत्यादि.

डिजिटल मार्केटिंग कोई भी कर सकता है जिसे मार्केटिंग और ऑनलाइन मार्केटिंग की नॉलेज हो. इसमें अलग-अलग तरह के प्रोफाइल्स होते हैं जैसे डिजिटल मार्केटर, ऑनलाइन मार्केटर, सोशल मीडिया मार्केटर, कंटेंट मार्केटर, कॉपीराइटर, इत्यादि. और आप इनमें से कोई भी प्रोफाइल पर प्रोफाइल पर नौकरी कर सकते हैं.

डिजिटल मार्केटिंग की पहुँच कहाँ तक है ?

डिजिटल मार्केटिंग आज के समय में एक बहुत ही अच्छा और ग्रोइंग फील्ड है और आने वाले दिनों में इसकी जरुरत बढ़ती ही चली जाएगी.

डिजिटल मार्केटिंग इंडस्ट्री इंडिया से लेकर पूरे विश्व में फैली हुई है. पिछले कुछ सालों में भारत में डिजिटलाइजेशन में काफी विकास हुआ है और इसिलए डिजिटल फ़ील्ड्स से जुड़ी नौकरियों की भी मांग बढ़ रही है. एक सर्वे के अनुसार डिजिटल मार्केटिंग की जॉब भारत में पिछले साल के मुकाबले में इस साल कई गुना बढ़ी है. आगे आने वाले समय में डिजिटल इंडिया के साथ डिजिटल मार्केटिंग का स्कोप और भी बढ़ेगा. और मुख्य रूप से कंपनियों और बिजनेस अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग के लिए डिजिटल मार्केटिंग की हेल्प लेंगे.

कैसे बने एक सफल डिजिटल मार्केटर ?

अब सवाल ये है कि क्या आप भी एक बेहतरीन डिजिटल मार्केटर बनना चाहते हैं ? अगर हाँ, तो हम आपकी पूरी मदद करेंगे. डिजिटल मार्केटर बनने के लिए सबसे पहले तो आपको एक अच्छा रिज्यूमे/सीवी बनाना होगा चाहे आप फ्रेशर हो या अनुभवी. यहाँ आप जान सकते हैं कि एक अच्छा रिज्यूमे/सीवी कैसे बनाया जाता है.

अगर आपका रिज्यूमे तैयार हो गया है तो अब अगला स्टेप है डिजिटल मार्केटिंग के इंटरव्यू की तैयारी. सामान्यतया एक डिजिटल मार्केटर की प्रोफाइल के लिए बेसिक लेवल से लेकर एडवांस्ड लेवल तक के सवाल पूछे जाते हैं. इस ब्लॉग में हमने विश्वशनीय रिसोर्स की मदद से बेसिक लेवल के सवालों से लेकर एडवांस्ड लेवल क सवालों और उनके जवाब को तैयार किये है. तो आईये जानते हैं कि डिजिटल मार्केटिंग के इंटरव्यू में क्या-क्या पूछा जाता है और इसकी तैयारी कैसे करते है.

सामान्य सवाल और उनके जवाब

प्र.1) गूगल सर्च क्या है ?

उत्तर.1) गूगल सर्च के 3 स्टेप होते है –

क्रॉलिंग और इंडेक्सिंग

क्रॉलिंग एक प्रोसेस है जिसमें क्रॉलर्स गूगल के सर्च इंडेक्स किसी भी वेबपेज या किसी भी उपलब्ध कंटेंट के इन्फॉर्मेशन को एनालाइज करता है.

सर्च एल्गोरिथम
सर्च एल्गोरिथम में गूगल रैंकिंग सिस्टम सैकड़ों वेब पेजों से उपयोगी परिणामों को कुछ ही मिनटों में ढूंढ कर निकाल लेटे है.

यूजफुल रिस्पोंस
आज की दुनिया में जहाँ इंटरनेट और कंटेंट में बहुत ज्यादा वरायटी मौजूद है लेकिन गूगल सर्च करके आप अच्छी और उपयोगी सामग्री ढूंढ सकते है.

प्र.2) सर्च इंजन क्या होता है ?

उत्तर.2) सर्च इंजन एक सिस्टम सॉफ्टवेयर है जिसे किसी भी स्पेसिफिक इन्फोर्मेशन के जरिया है. सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला सर्च इंजन तो गूगल ही है लेकिन कुछ और भी है जैसे

  • डक-डक गो
  • बिंग/याहू

प्र.3) SEO का डिजिटल मार्केटिंग में क्या रोल है ?

उत्तर.3) SEO का पूरा नाम Search Engine Optimization और इसे हिंदी में खोज प्रणाली अनुकूलन कहते है जो कि  सर्च इंजन के किसी भी ब्लॉग, कंटेंट, साईट या पेज की विजिबिली बढ़ाता है. दूसरी भाषा में कहा जाये तो SEO आपके पेज की रैंकिंग को सर्च इंजन के पहले पेज पर लाने की सबसे अच्छी स्ट्रेटजी है.

उदाहरण के लिए: आप किसी सर्टिफिकेशन प्रोग्राम के बारे में जानना चाहते हैं. आपने गूगल पर टाइप किया कीवर्ड्स जैसे सर्टिफिकेशन इन डिजिटल मार्केटिंग, डिजिटल मार्केटिंग कोर्स, डिजिटल मार्केटिंग कोर्स और इंडिया में ट्रेनिंग प्रोग्राम्स. इन कीवर्ड्स को टाइप करते ही गूगल आपको पहले पेज पर कई सारे परिणाम दिखाएगा, जिनमें इन्हीं कीवर्ड्स से संबंधित कंटेंट होगा. और जिन कंटेंट में ये कीवर्ड्स नहीं होंगे वो गूगल आपको पहले पेज पर नहीं दिखायेगा.

प्र.4) वेबसाइट में कहाँ-कहाँ कीवर्ड्स का होना जरुरी है ताकि वो रैंकिंग ऑप्टिमाइज़ की जा सके?

उत्तर.4) एक अच्छी गूगल रैंकिंग के लिए यह कुछ एरिया है वेबसाईट के जहाँ कीवर्ड होने जरूरी है –
h1, h2 में कीवर्ड
पेज URL में कीवर्ड
meta tag में कीवर्ड
website title में कीवर्ड
web page content में कीवर्ड
image alt tags में कीवर्ड

प्र.5) गूगल एडवर्ड्स क्या है ?

उत्तर.5) एडवर्ड्स एक विज्ञापन सर्विस है उन कंपनियों या लोगों के लिए जो अपने प्रोडक्ट को गूगल पर दिखाना चाहते है. यह PPC अर्थात Pay Per Click एडवर्टाइजिंग सिस्टम पर काम करती है.

प्र.6) डिजिटल मार्केटिंग टर्म को समझाएं ?

उत्तर.6) डिजिटल मार्केटिंग एक वो तरीका है जिससे ऑनलाइन चैनल्स के उपयोग से ब्रांड की मार्केटिंग की जाती है. इसमें कई सारे मेथड्स और टेक्निक्स होती हैं जैसे SEO, SEM, लिंक बिल्डिंग, ईमेल मार्केटिंग, PPC इत्यादि

प्र.7) ऑनलाइन मार्केटिंग के क्या फायदे है ? ऑनलाइन मार्केटिंग ज्यादा क्यों पसंद किया जाता है ?

उत्तर.7) ऑनलाइन मार्केटिंग के ज्यादा पसंद करने के ये कुछ फायदे हैं -ऑनलाइन मार्केटिंग इसलिए पसंद किया जाता है क्यूंकि किसी भी इन्फोर्मेशन को आप ऑनलाइन आसानी से काफी लोगों तक पहुंचा सकते हैं. आप आसानी से अपने ग्राहकों तक अपने प्रोडक्ट की जानकारी पहुंचा सकते हैं और फीडबैक पा सकते हैं. इसके अलावा जब भी आप कोई मार्केटिंग कैंपेन करना चाहे उसमें तुरंत बदलाव भी कर सकते हैं. ऑनलाइन मार्केटिंग काफी कम पैसे में की जा सकती है. साथ ही आप काफी हद तक अपने ऑडियंस को टारगेट कर सकते हैं.

प्र.8) गूगल एडवर्ड्स कैसे काम करता है ?

उत्तर.8) गूगल एडवर्ड्स सामान्यत ऑक्शन सिस्टम की तरह काम करता है. आप एडवर्ड्स पर अपने खुद के एड्स चला सकते हैं और जैसे ही कोई आपके प्रोडक्ट से रिलेटेड कीवर्ड को सर्च करेगा तो गूगल आपके एड या कहें तो विज्ञापन को सर्च रिजल्ट पर सबसे टॉप पर दिखायेगा. इसके अलावा एडवर्ड्स PPC (हर क्लिक पर पैसा) के आधार पर काम करता है यानि जैसे ही कोई उस एड पर क्लिक करेगा तो आपको गूगल को कुछ पैसे देने पड़ेंगे जो कि आपके गूगल अकाउंट से काट लिए जाते है.

प्र.9) वेब ट्रैफिक क्या होता है ?

उत्तर.9) वेबसाइट ट्रैफिक उसको कहा जाता है जो आपकी वेबसाईट पर आते है किसी कारण. वेब ट्रैफिक को जितने लोग देखते है उसके आधार पर मापा जाता है. जिसे हम सेशंस भी कहते है और यह एक कॉमन तरिका होता है किसी भी ऑनलाइन बिजनेस के बारे में जानने में.

प्र.10) किसी वेबसाईट पर ट्रैफिक को बेहतर करने में क्या करना चाहिए ?

उत्तर.10) किसी भी वेबसाईट के ट्रैफिक को बेहतर करने क लिए हमे रेफरिंग लिंक्स और SEO पर फोकस करना पड़ता. इससे हमारे विजिटर और बढ़ेंगे और वेबसाईट की औथेनटिटी बढ़ेगी. इसके अलावा यूजर रिटेंशन (यूजर को अपने साथ जोड़े रखना) भी एक काफी महत्वपूर्ण बात है.

प्र.11) गूगल एडवर्ड्स री-मार्केटिंग क्या है ?

उत्तर.11) गूगल एडवर्ड्स री-मार्केटिंग एक लक्षित मार्केटिंग स्ट्रेटजी है. इस टूल के माध्यम से मार्केटर उन लोगों तक दुबारा पहुँच सकते है जिन्होंने एक बार हमारा वेबसाईट देखा हो. री मार्केटिंग से हम उन्हें दुबारा अपने विजिटर तक पहुंचकर उन्हें अपना कंटेंट या प्रोडक्ट दिखा सकते है. री मार्केटिंग का जब विजिटर हमारी वेबसाईट पर आये थे लेकिन वापस गए तो अब उनको हमें और ज्यादा जानकारी एड के माध्यम से देते है.

प्र.12) आप लेटेस्ट डिजिटल मार्केटिंग ट्रेंड को कैसे पता करते है ?

उत्तर.12) सामान्यतः ब्लॉग या फिर वीडियो के माध्यम से आप डिजिटल मार्केटिंग के रेग्युलर अपडेट पा सकते है. या फिर किसी मेंटर की मदद भी इसमें आप ले सकते है.

ख़ास टिप – डिजिटल मार्केटिंग एक डायनामिक और इवॉल्विंग फील्ड है. इसलिए ये बहुत जरूरी है कि एक डिजिटल मार्केटर होने के नाते आप ब्लॉग्स, पुस्तक या वेबसाईट की मदद से आने वाले ट्रेंड से अपडेटेड रहे. यहाँ हम कुछ रेफेर्रल्स बता रहे है जिनसे जुड़े रहकर आप अपने आपको डिजिटल मार्केटिंग फील्ड में अपडेटेड रख सकते हैं और यही रेफेर्रल्स आप उत्तर में भी बता सकते हैं –

प्र.13) डिजिटल मार्केटिंग करने के क्या-क्या तरीके है ?

उत्तर.13) डिजिटल मार्केटिंग करने के ये कुछ तरीके है –
सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO)
सर्च इंजन मार्केटिंग (SEM)
कंटेंट मार्केटिंग
ई-कॉमर्स और
ईमेल मार्केटिंग

प्र.14) डिजिटल मार्केटिंग में “कीवर्ड्स” क्या होता है ? SEO में इसकी क्या मुख्यता है ?

उत्तर.14) जब भी हमे कोई उपयोगी जानकारी ढूंढ़नी होती है वो उस जानकारी से रिलेटेड कीवर्ड ही होता है जिसे हम सर्च इंजन में डालते हैं. कीवर्ड्स SEO और अच्छे पेज रैंकिंग के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है. कीवर्ड्स की प्लेसमेंट पेज रैंकिंग में काफी महत्वपूर्ण होता है.

प्र.15) पीपीसी (PPC) क्या है ?

उत्तर.16) पीपीसी का पूरा नाम (Pay Per Click) होता है. अर्थात अगर हम हिंदी में बताएं तो इसे हम ऐसे कहेंगे कि अगर कोई एड पर क्लिक करेगा तो ही पैसा कटेगा अन्यथा नहीं. यह एक एडवर्टाइजिंग टेक्निक है जिससे हम वेबसाईट पर सीधे ट्रैफिक बढ़ा सकते है. इसे कॉस्ट पर क्लिक (Cost Per Click) भी कहा जाता है. एडवरटाजर अपनी वेबसाईट के एड पर क्लिक होते ही उनके अकाउंट से पैसे कट हो जाते है.

प्र.16) कुछ पीपीसी टूल्स के नाम बताइये ?

उत्तर.17) नीचे दिए कुछ पीपीसी टूल्स के नाम आप इंटरव्यू में बता सकते है –

प्र.17) SEO और SEM में क्या अंतर है ?

उत्तर.18) SEO जिसका पूरा नाम (सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन) होता है. यह आपकी वेबसाईट, ब्लॉग की रैंकिंग और सर्च्ग इंजन रिजल्ट के पेजों पर आपकी वेबसाईट या ब्लॉग को ज्यादा दिखाते है.

SEM इसका पूरा नाम (सर्च इंजन मार्केटिंग) – जब हम किसी भी सर्च इंजन पर अपने प्रोडक्ट या बिजनेस की एड चलाते है, उसे ही हम सर्च इंजन मार्केटिंग कहते है.

18.) SEO के दो पिल्लर क्या है ?

उत्तर.20) कीवर्ड्स और लिंक बिल्डिंग SEO के दो बहुत महत्वपूर्ण पिल्लर होते है. कीवर्ड्स की मदद से SEO को इम्प्रूव किया जा सकता है और लिंक बिल्डिंग आपके पेज के ट्रैफिक और रैंकिंग में मदद करता है.

डिजिटल मार्केटिंग में उपयोग किये जाने संक्षिप्त रूप

डिजिटल मार्केटिंग में ऐसे कई टर्म्स उपयोग किये जाते हैं जो कि संक्षिप्त रूप होते है अर्थात बड़ी जानकारी को छोटे भाग में रखना और उनका मतलब समझना काफी जरुरी है. नीचे हमने कुछ महत्वपूर्ण संक्षिप्त दिए है और उनकी डेफिनिशन भी बताई जो कि अक्सर इंटरव्यू में पूछे जाते है.

प्र.19) इन संक्षिप्त रूपों के पूरे नाम क्या होते है ?

उत्तर.21) A/B Testing – A/B testing को स्पिल्ट टेस्ट भी कहा जाता है और इस प्रोसेस से हम एक ही ऑब्जेकटिव के लिए दो अलग-अलग प्रकार से कैंपेन चला सकते है और तय कर सकते है कि कौनसा कैंपेन बेहतर रहा.

B2B (Business-to-Business) – जब तक एक बिजनेस दूसरे बिजनेस को अपना प्रोडक्ट सेल कराता है उसे हम B2B कंपनी कहते है. उदाहरण के लिए Salesforce और HubSpot प्रमुख रूप से B2B कंपनियां है.

B2C (Business-to-Consumer) – यह टर्म उन कंपनियों के लिए उपयोग किया जाता है जो अपने प्रोडक्ट को सीधे कस्टमर को सेल करते है. उदाहरण के लिए Amazon और Starbucks B2C कंपनियां है.

Call-to-Action (CTA) – Call-to-action अर्थात दबाने के लिए कहे जाने वाला एक टेक्स्ट लिंक, बटन, फोटो या वेब लिंक होता है जो कि एक विजिटर को लैंडिंग पेज तक लेकर जाता है. उदाहरण के लिए “subscribe now” या “request a quote today” call-to-action है.

CPC (Cost Per Click) – CPC जिसको हिंदी में क्लिक पर पैसे कह सकते है. यह सर्च इंजन मार्केटिंग से जुड़ा है. और इसे हम पैड एडवरटाईजिंग भी कह सकते है. किसी भी ऑनलाइन पैड एड्स के लिए क्लिक आते ही वो पैसे काट लेते है. इसे ही हम कॉस्ट पर क्लिक कहते है.

CPM (Cost Per Thousand) – CPM खरीदने या बेचने का यूनीट माना जाता है. सीपीएम (CPM) में एम को माइल्स कहा जाता है जिससे हर हजार इम्प्रेशन या व्यू के अनुसार काउंट किया जाता है. उदाहरण के लिए, अगर एक पब्लिशर आपके एड के लिए $2.00 CPM चार्ज करता है तो इसका मतलब आप उस एडवरटाईजर को उस एड के लिए $2.00 हर 1,000 इम्प्रेशन के लिए पैसे देते है.

CTR (Click-Through-Rate) – CTR का पूरा नाम Click Through Rate) होता है. CTR एक ऐसा माध्यम है जो यह बताता है कि कितने प्रतिशत लोग आपकी वेबसाईट पर आये और फिर आगे गए. यह आपके एडवरटाइजिंग कैंपेन के सक्सेस का आइडिया बताता है.

KPI (Key Performance Indicator) – KPI का पूरा नाम Key Performance Indicator होता है और यह एक प्रदर्शन को मापने का तरिका है जो कि यह बताता है कि किसी भी प्रोडक्ट की परफॉर्मेंस कैसी चल रही है और बिजनेस ऑब्जेक्टिव को हासिल किया जा रहा है या. मार्केटर KPI को अपने मार्केटिंग कैंपेन के सक्सेस को जानने का एक महत्वपूर्ण फैक्टर मानते है.

ROI (Return on Investment) – ROI को प्रतिशत में एक्सप्रेस किया जाता है और इससे किसी इन्वेस्टमेंट की कार्यक्षमता और लाभ का मूल्यांकन करने के लिए उपयोग किया जाता है.

ROI को कैलकुलेट करने का फ़ॉर्मूला है: (Gain from Investment – the Cost of Investment) divided by (Cost of Investment).
अगर कोई नकारात्मक या नेगेटिव है तो यह कहा जा सकता है कि कंपनी इन्वेस्टमेंट को लाभ में नहीं बदल पा रही है.

UX (User Experience) – उपभोगताओं का अनुभव ही User experience है. यह बताता है कि आपकी वेबसाईट आपके यूजर के लिए कितनी सही है. यूजर से अच्छा सम्बंध, पर्चेस, प्रोडक्ट या सर्विस ये सारे फैक्टर यूजर एक्सपेरिएंस के लिए मैटर करता है. एक अच्छा मार्केटर बनने के लिए आपको अपने यूजर के लिए अच्छा वेबसाईट बनाना चाहिए या उसमें ऐसा रखना चाहिए कि आपका कस्टमर उससे प्रभावित हो जाए.

तो यह थे कुछ सामान्य डिजिटल मार्केटिंग के इंटरव्यू के सवाल और उनके जवाब. हमारी पूरी कोशिश रही है कि हम अपना बेस्ट और ज्यादातर पूछे जाने वाले सारे प्रश्न आप तक बताये है और आगे भी हम इस आर्टिकल को अपडेट करते है रहेंगे ताकि आप किसी इंटरव्यू को आसानी से सफलता पा सके.

अगर आपको इस आर्टिकल में कुछ भी समझ नहीं आया हो तो आप हमें कमेंट करके बता सकते है. हम पूरी कोशिश करेंगे कि आपको जवाब देकर समस्या सुखाएं.

जन्म से ही क्रिकेट का दीवाना हूँ लेकिन क्रिकेटर बन नहीं सका और अब विकिपीडियन बनकर खिलाड़ियों पर लिखना शौक बना दिया है।

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