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ग्रेजुएशन के बाद क्या करें ?

नौकरी या जॉब करना हर किसी का सबसे बड़ा सपना होता है। हर कोई अगर बड़े लेवल पर या ज्यादा सैलरी की उम्मीद से नौकरी करना चाहते है वो पहले अपना ग्रेज्युएशन पूरा करते है। तो अब अगर आप ये सोच रहे है कि ग्रेजुएशन के बाद क्या करें तो ये कुछ विकल्प है जिसमें आप अपना भविष्य बना सकते है।

इस आर्टिकल में आपको पता चलेगा कि ग्रेजुएशन के बाद क्या करें

बैंक नौकरी की पूरी जानकारी

बीपीओ जॉब/कॉल सेंटर जॉब की पूरी जानकारी

प्राइवेट सेक्टर में एंट्री लेवल जॉब (एसोसिएट लेवल) की पूरी जानकारी

एविएशन सेक्टर में एंट्री लेवल जॉब की पूरी जानकारी

वीडियो एडिटिंग/फोटो एडिटिंग में कैरियर की पूरी जानकारी

डिजिटल मार्केटिंग में करियर की पूरी जानकारी

कंटेंट राइटिंग में करियर की पूरी जानकारी

विदेशी भाषा में जॉब की पूरी जानकारी

मेकअप/ हेयर एक्सपर्ट में करियर की पूरी जानकारी

ग्रेज्युएशन के बाद सरकारी नौकरी


1. बैंक पीओ और क्लर्क तथा असिस्टेंट

ग्रेजुएशन के बाद बैंक में जॉब करना एक बहुत अच्छा है और लाखों लोग बैंक में जॉब करना भी चाहते है। अगर आपने ग्रेजुएशन पास कर दिया है तो बैंक जॉब्स सरकारी बैंक जॉब के लिए एलिजिबल हो जाते है। आप ग्रेजुएशन किसी भी फील्ड से कर सकते है लेकिन इसमें आपके न्यूनतम 55% अंक होने चाहिए। बैंक पीओ और क्लर्क तथा असिस्टेंट में एंट्रेंस परीक्षा के आधार पर रिक्रूटमेंट होती है।

ये है आपके पास बैंक में नौकरी करने के विकल्प:

  1. SBI PO 2019 की पूरी जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

  2. IBPS PO 2019 की पूरी जानकारी के लिए क्लिक करें

  3. SBI क्लर्क 2019 की पूरी जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

  4. IBPS क्लर्क 2019 की पूरी जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

  5. आरबीआई ग्रेड बी 2019 के लिए यहाँ क्लिक करें

  6. आरबीआई असिस्टेंट 2019 के लिए यहाँ क्लिक करें

  7. आईबीपीएस आरआरबी ऑफिसर स्केल-I और ऑफिस असिस्टेंट 2019 की पूरी जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें


1. बीपीओ जॉब/कॉल सेंटर की नौकरी

बीपीओ या कॉल सेंटर क्या होता है ?

बीपीओ का पूरा नाम बिजनेस प्रोसेसिंग आउटसोर्सिंग होता है. बीपीओ/कॉल सेंटर को सीधी भाषा में कहे तो अपनी कंपनी का कुछ काम किसी थर्ड पार्टी को देना ताकि उत्पादकता में वृद्धि हो और कोस्ट ज्यादा बच सके.

जैसे कि कोई कंपनी जो कपड़े बनाकर ऑनलाइन बेचती है उसको बहुत सारे कस्टमर क्वरी भी आती है होगी. अब कंपनी का मुख्य काम कपड़े बनाना लेकिन कस्टमर की समस्याओं को भी सुलझाना जरूरी है तो ये कंपनी कस्टमर क्वरी को सुलझाने का का काम एक बीपीओ को दे देगी जो यही काम करती है. इस काम को आउटसोर्स करना कहते है जिसका मतलब आप काम को किसी और को दे देना.

उदाहरण: आप अपने अपने बिल/फोन कनेक्शन से सम्बंधित कोई समस्या होती है तो आप कस्टमर केयर पर कॉल करते है जैसे वोडाफोन, एयरटेल या जियो इत्यादि पर. जो कस्टमर केयर एक्सीक्यूटिव आपकी समस्या को सुलझाते है वो वास्तव में एक बीपीओ के कर्मचारी होते है. वोडाफोन ये काम एक बीपीओ को दे देती है जिनका काम होता है कस्टमर के समस्या को सुलझाना.


योग्यता

12वीं पास/ग्रेजुएशन किसी भी क्षेत्र से.

फ्रेशर जो ग्रेजुएशन के बाद नौकरी ढूंढ रहे है उनके लिए बहुत अच्छा विकल्प है यह.

क्या कौशल होने चाहिए

सामान्य कंप्यूटर का ज्ञान, गुड कम्युनिकेशन स्किल, सामान्य अंग्रेजी/स्थानीय भाषा, सुनने की अच्छी क्षमता, बातचीत करने का अच्छा तरीका.

अन्य जरूरतें: लंबे समय तक काम करने की आदत, क्षमता, रोटेशनल शिफ्ट.

बीपीओ/कॉल सेंटर दो प्रकार के होते है

  1. अंतर्राष्ट्रीय बीपीओ/कॉल सेंटर

अंतर्राष्ट्रीय कॉल सेंटर में काम करने के लिए आपको अंग्रेजी भाषा आनी बहुत जरूरी होती है क्योंकि आप उन कस्टमर से बातचीत करेंगे जो दूसरे देशों में है और उनसे बात करने के लिए कॉमन लैंग्वेज अंग्रेजी ही है. इसलिए अच्छी अंग्रेजी आना जरुरी है अंतर्राष्ट्रीय कॉल सेंटर में काम करने के लिए. आप देश से बाहर जाकर भी काम कर सकते है.

शुरूआती वेतन

15,000 से 25,000 हर महीने की और साथ में प्रोत्साहन राशि, खाना पीना और कैब की सुविधा.

  1. डोमेस्टिक बीपीओ/कॉल सेंटर

डोमेस्टिक कॉल सेंटर एक ही देश के कस्टमर के लिए होते है. जैसे कि भारत के डोमेस्टिक कॉल सेंटर सेंटर जो सिर्फ भारतीय ग्राहकों के लिए ही होते है. भारत में इतनी अलग-अलग भाषाएँ बोली जाती है और हर राज्य में लगभग अलग-अलग भाषा है. इसलिए डोमेस्टिक कॉल सेंटर हर क्षेत्रीय भाषा में बात करने वाले लोगों की जरुरत होती है ताकि कस्टमर से बात करने में कोई भाषाई बैरियर ना आये. इसलिए क्षेत्रीय भाषा बोलने वालों की बहुत डिमांड बढ़ गयी है अब इस सेक्टर में.

शुरूआती वेतन

10,000 से 20,000 हर महीने और साथ में प्रोत्साहन राशि, खाना पीना और कैब की सुविधा.

बीपीओ/कॉल सेंटर में क्या काम होता है

  1. वोइस प्रोसेस (आउटबाउंड प्रोसेस)
  2. टेलीसेल्स/टेलीमार्केटिंग एसोसिएट (वोइस): फोन के द्वारा प्रोडक्ट को बेचना या उसका प्रोमोशन करना.
  3. टेलीकॉलिंग/कस्टमर केयर (वोइस) एसोसिएट: कस्टमर की समस्या को फ़ोन पर सुलझाना.
क्या कौशल होने चाहिए इसमें

सामान्य कंप्यूटर का ज्ञान, गुड कम्युनिकेशन स्किल, स्थानीय भाषा.

शुरूआती वेतन

10,000 से 20,000 हर महीने (डोमेस्टिक कॉल सेंटर)

15,000 से 25,000 हर महीने (अंतर्राष्ट्रीय कॉल सेंटर)

  1. नॉन-वोइस प्रोसेस (इनबाउंड प्रोसेस)

ईमेल/चैट प्रोसेस एसोसिएट (नॉन-वोइस): कस्टमर की क्वरी को चैट या ईमेल से सुलझाना. इसमें कॉलिंग का काम नहीं होता है.

क्या कौशल होने चाहिए

टाइपिंग स्पीड अच्छी होनी चाहिए, अंग्रेजी, बोलने और लिखने दोनों में गुड कम्युनिकेशन स्किल.

शुरूआती वेतन

15,000 से 25,000 हर महीने (डोमेस्टिक कॉल सेंटर)

15,000 से 35,000 हर महीने (अंतर्राष्ट्रीय कॉल सेंटर)

बीपीओ में काम करने का फायदा

बीपीओ की नौकरी अपने करियर को शुरू करने का एक बहुत अच्छा विकल्प है. यह सेक्टर पिछले 15 में बहुत आगे बढ़ा है. वैश्वीकरण होने से बहुत सारी विदेशी कंपनियों ने भारत में बीपीओ सेक्टर शुरू किये थे जिससे लाखों लोगों को नौकरियां मिली है. आज भी इस सेक्टर में बहुत जॉब है और बहुत सीखने को मिलता है, उनकी कम्युनिकेशन स्किल बहुत इप्रूव होती है. इस सेक्टर में साल भर नौकरी होती है जो किसी भी शहर में रहकर कर सकते है.

प्रोमोशन के स्तर

  • टीम लीडर/मैनेजर/सुपरवाइजर

टीम लीडर का रोल ये होता है कि वो देखें कि हर कस्टमर केयर प्रतिनिधि का काम देखना, ट्रेनिंग देना, टारगेट सेट करना, सिम्पल टर्म में वो सुपरवाइज करते है कस्टमर केयर प्रतिनिधि का काम.

शुरूआती वेतन: 20,000 से 35,000 हर महीने
  • प्रोजेक्ट मैनेजर

प्रोजेक्ट मैनेजर का रोल होता है प्रोजेक्ट को मैनेज और को-ऑर्डीनेट करना.

शुरूआती वेतन: 40,000 से 70,000 हर महीने

नौकरी कैसे ढूंढें

भारत में स्थित शीर्ष बीपीओ/कॉल सेंटर

  1. जेनपैक्ट (Genpact) (जयपुर, गुडगाँव, बैंगलोर, हैदराबाद, कोलकाता).
  2. कंसल्टेंसी सर्विस (अहमदाबाद, बैंगलोर, बड़ोदा, भुवनेश्वर, चेन्नई, कोइम्बतुर, दिल्ली, नोयडा, गुडगाँव, गांधीनगर, गोवा, हैदराबाद, कोच्ची, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, पुणे, तिरुवनंतपुरम).
  3. विप्रो बीपीओ (नई दिल्ली, नवी मुंबई, पुणे, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, चेन्नई, बैंगलोर, ग्रेटर नोएडा.
  4. ऐजिस लिमिटेड (Aegis Limited) (मुंबई, अहमदाबाद, बैंगलोर, गुडगाँव, हजीरा, हैदराबाद, जमशेदपुर, कोलकाता, चेन्नई)
  5. Accenture India (दिल्ली, नोएडा, गुडगाँव, बैंगलोर, पुणे, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई)
  6. IBM (गुडगाँव, बैंगलोर, चंडीगढ़, चेन्नई, कोलकाता, मुंबई, पुणे, विजाग)
  7. हिंदुजा सोल्यूशन (बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई, दुर्गापुर, मैसूर)
  8. इन्फोसिस (बैंगलोर, चेन्नई, गुड़गाँव, जयपुर, पुणे)
  9. WNS ग्लोबल सर्विस (बैंगलोर, चेन्नई, गुडगाँव, मुंबई, नासिक, पुणे)
  10. फर्स्टसोर्स सोल्यूशन (मुंबई, बैंगलोर, चेन्नई, त्रिची, इंदौर, कोलकाता, हुबली, विजयवाड़ा, पॉन्डिचेरी, जालंधर)
  11. EXL सर्विस (नोएडा, गुडगाँव, पुणे)
  12. Cognizant बीपीओ (बैंगलोर, चेन्नई, कोइम्बतुर, गुडगाँव, हैदराबाद, कोच्ची, कोलकाता, मुंबई, पुणे)
  13. HCL (नोएडा, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बैंगलोर)
  14. Convergys (बैंगलोर, गुडगाँव, हैदराबाद, पुणे, ठाने)
  15. Mphasis (बैंगलोर, मैंगलोर, चेन्नई, पॉन्डिचेरी, मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, नोएडा, हैदराबाद, वड़ोदरा, कोलकाता, रायपुर)
  16. IntelNet ग्लोबल (मुंबई, नई दिल्ली, गुडगाँव, चेन्नई)

प्राइवेट कंपनी में एंट्री लेवल जॉब

प्राइवेट बैंक/प्राइवेट कंपनी/होटल/ जैसे कि एक्सिस बैंक, एचसीएल ग्रेज्युएट को रखती है बहुत प्रोफाइल के लिए. यह नौकरियां शुरुआत करने वालों के लिए बहुत अच्छी होती है.

योग्यता

इस जॉब के लिए किसी भी क्षेत्र से ग्रेजुएशन किया हुआ होना चाहिए.

क्या काम होता है

(1) बैक एंड ओपरेशन

इसमें डाटा इंट्री ओपरेटर, कंप्यूटर ओपरेटर, प्रबंधकीय काम (administrative work), डाक्यूमेंशन, डाक्यूमेंट्स हैंडल करना और ऑफिस मैनेजमेंट का काम होता है.

  • डाटा एंट्री ओपरेटर: इसमें डाटा दिया जाता है जिसको कंप्यूटर में डालना होता है. यह एक टाइपिंग करने का काम होता है. डाटा एंट्री में इन्फॉर्मेशन को अपडेट करना होता है. जैसे कि बैंक में जितने भी फॉर्म भरे जाते है कस्टमर की डिटेल लिए उन डिटेल को कंप्यूटर में स्टोर करना होता है.
  • कंप्यूटर ओपरेटर: इसमें कंप्यूटर और बाकी मशीनों को कंट्रोल और मैंटेन करना होता है. सारे रिकॉर्ड्स बनाना, डाटा बैकअप लेना, सॉफ्टवेयर चेक करना और प्रिंटर में पेपर लोड करना भी एक कंप्यूटर ओपरेटर की जिम्मेदारी होती है.
क्या खूबियाँ होनी चाहिए

इसमें कंप्यूटर का अच्छा ज्ञान होना चाहिए, तेजी से टाइपिंग करना, सॉफ्टवेयर के बारे में सामान्य जानकारी, अंग्रेजी में अच्छा ज्ञान, गुड कम्युनिकेशन स्किल.

शुरूआती वेतन

10,000/- से 20,000/- हजार रुपए हर महीने

(2) कस्टमर सपोर्ट एसोसिएट (वोइस एंड नॉन वोइस)

कस्टमर सपोर्ट एसोसिएट एक अच्छा विकल्प है ग्रेजुएशन के बाद नौकरी करने के लिए. इस जॉब प्रोफाइल में कस्टमर से बात करनी होती है और उनकी समस्याओं को सुलझाना होता है. ये कॉल वोइस या नॉन-वोइस दोनों से हो सकते है.

क्या खूबियाँ होनी चाहिए

कंप्यूटर का अच्छा ज्ञान, अंग्रेजी में पकड़, कम्युनिकेशन स्किल और मैनेजमेंट स्किल.

शुरूआती वेतन

10,000/- से 20,000/- हजार रुपए हर महीने

(3) सेल्स जॉब
  • सेल्स एक्सीक्यूटिव/सेल्स एजेंट: सेल्स एक्सीक्यूटिव (सेल्सपर्सन) प्रोडक्ट या सर्विस को कस्टमर को सेल करते है.
  • टेलीसेल्स/टेलीमार्केटिंग एसोसिएट (वोइस): टेलीसेल्स एसोसिएट सेल्स एसोसिएट होते है जो कस्टमर का यूज करके प्रोडक्ट या सर्विस को पोटेंशियल कस्टमर या मौजूदा ग्राहक तक पहुँचाते है.
क्या खूबियाँ होनी चाहिए

मार्केटिंग में अच्छा ज्ञान, गुड कम्युनिकेशन स्किल, बातचीत करने का अच्छा तरीका, प्रजेंटेशन स्किल.

शुरूआती वेतन

10,000/- से 25,000/- हजार रुपए हर महीने तथा साथ में प्रोत्साहन राशि (incentive)

नौकरी कहाँ कर सकते है

कॉर्पोरेट, बैंक, इंश्योरेंस कंपनी, एमएनसी, बिजनेस हाउस इत्यादि.

नौकरी कैसे ढूंढे
  • जॉब पोर्टल जैसे Naukri.com, Wisdomjobs, Monsterindia इत्यादि से अप्लाई करें.
  • जॉब कंसल्टेंट्स के जरिये अप्लाई करें.
  • समाचार पत्रों में जॉब के विज्ञापन देखते रहे.

  1. एंट्री लेवल जॉब एविएशन सेक्टर में

एविएशन इंस्ट्री में पायलट और कैबिन क्र्यू के अलावा बहुत सारे अलग-अलग स्टाफ की जरुरत पड़ती है जो ग्राउंड और एयरपोर्ट मैनेज करते है.

योग्यता

ग्रेजुएशन होना चाहिए किसी भी क्षेत्र से

क्या काम होता है

  • टिकेटिंग (टिकट बुक करना, वीजा)
  • सिक्योरिटी
  • हेल्प डेस्क
  • गेस्ट रिलेशन
  • कस्टमर केयर
  • इन्क्वायरी डेस्क
  • हाउस कीपिंग
  • एडमिन
  • डाक्यूमेंशन

क्या खूबियाँ होनी चाहिए

अच्छे से अंग्रेजी बोलनी आनी चाहिए.

शुरूआती वेतन

10,000 से 25,000 रुपए हर महीने

नौकरी कहाँ कर सकते है

सारी एयरलाइन्स कंपनी जैसे कि जेट एयरवेज, गो एयर, गो इंडिगो, विस्तारा इत्यादि के ग्राउंड स्टाफ के लिए नौकरी निकालती है. इन कंपनियों के अलावा एयरपोर्ट ऑथोरिटी भी हायर करती है ग्राउंड स्टाफ के लिए.

नौकरी कैसे ढूंढें

  • एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट जैसे Jet Airways, GoAir, GoIndigo, SpiceJet जैसी एयरलाइन्स पर जाकर देख सकते है.
  • जॉब पोर्टल जैसे Naukri.com, Wisdomjobs, Monsterindia इत्यादि से अप्लाई करें.
  • समाचार पत्रों में जॉब के विज्ञापन देखते रहे.

4. डिजिटल मार्केटिंग जॉब (सोशल मीडिया मार्केटिंग)

डिजिटल मार्केटिंग क्या होती है

डिजिटल मार्केटिंग का मतलब है कि सामान/सेवाओं का प्रचार अर्थात प्रोमोशन के लिए इंटरनेट का उपयोग करना. जैसे कि जब भी हम इंटरनेट पर कोई वेबसाइट खोलते है या यूट्यूब वीडियो देखते है तो उसमें एडवरटाइजिंग (विज्ञापन) आते है जो कि  डिजिटल मार्केटिंग का हिस्सा होती है.

डिजिटल मार्केटिंग में करियर

अगर आप यह सोच रहे हो कि ग्रेजुएशन के बाद क्या करें तो डिजिटल मार्केटिंग एक बहुत अच्छा विकल्प है करियर शुरू करने के लिए. डिजिटल मार्केटिंग इस समय सबसे पावरफुल प्रोमोशनल टूल है इसकी पहुँच की वजह से क्योंकि यह एक साथ लाखों लोगों तक आपकी बात पहुँचाने की क्षमता रखते है. यानी वजह यह है कि अब कंपनियां एडवर्टाइजिंग करने के लिए सोशल मीडिया का यूज करती है और इसलिए डिजिटल मार्केटर/सोशल मीडिया मैनेजर की बहुत डिमांड बढ़ गयी है. जिन लोगों को इंटरनेट पर काम करना अच्छा लगता है उनके लिए यह जॉब बहुत अच्छी है.

एक महत्वपूर्ण चीज यह है कि अगर आपको कोई क्षेत्रीय या स्थानीय भाषा आती है तो आप उस भाषा में भी सोशल मीडिया हैंडलर भी बन सकते है जिसकी आजकल डिमांड भी है. बहुत कंपनियां विशेष रूप से डिजिटल मीडिया कंपनियां अपने सोशल मीडिया चैनल को हैंडल करने के लिए रिक्रूटमेंट करती है.

डिजिटल मार्केटिंग इंटरनेट से भी सीखी जा सकती है या इसमें सर्टिफिकेट/डिप्लोमा कोर्स भी किया जा सकता है. कोर्स करने के बाद इंटर्नशिप करें ताकि आपको अच्छे से सीखने को मिले और अनुभव भी मिले जिससे आपको नौकरी में मिलने में आसानी हो.


डिजिटल मार्केटिंग के इंटरव्यू सवाल और उनके जवाब जानने के लिए यहाँ क्लिक करें 


योग्यता

ग्रेजुएशन किसी भी क्षेत्र में.

डिजिटल मार्केटिंग में काम क्या होता है

वेबसाइट डवलपमेंट, सोशल मीडिया मार्केटिंग जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर इत्यादि.

क्या खूबियाँ होनी चाहिए

इसमें रचनात्मक सोच, अच्छी कम्युनिकेशन स्किल, अच्छे से अंग्रेजी बोलना, गुड कंप्यूटर स्किल और साथ ही सोशल मीडिया, मार्केटिंग स्किल और फोटो एडिटिंग का भी अच्छा नॉलेज होना चाहिए.

शुरूआती वेतन

10,000 से 25,000 हर महीने. अनुभव के कैंडिडेट को 2,00,000 (लाख) हर महीने तक कमा सकते है.

कहाँ नौकरी कर सकते है

  • मीडिया कंपनी
  • विज्ञापन कंपनी
  • मार्केटिंग कंपनी
  • पब्लिक रिलेशन कंपनी (पीआर एजेंसी)
  • कॉर्पोरेट/कंपनी: हर कंपनी अपना सोशल मीडिया पेज को मैंटेन करने के लिए सोशल मीडिया मैनेजर हायर करती है.
  • व्यक्तिगत (Individual): सेलिब्रिटी या लोकप्रिय लोग भी अपने सोशल मीडिया पेजों को मैनेज करने के लिए लोगों को हायर करते है.

नौकरी कैसे ढूंढें

  • जॉब पोर्टल जैसे Naukri.com, Wisdomjobs, Monsterindia इत्यादि से अप्लाई करें.
  • कंपनी की वेबसाइट/समाचार पत्रों और सोशल मीडिया हैंडल को देखते रहे, वहाँ जॉब की ओपनिंग निकलती रहती है.

5. वीडियो एडिटिंग/फोटो एडिटिंग में करियर

एडिटिंग क्या होती है ?

वीडियो एडिटिंग/फोटो एडिटिंग एक जैसा प्रोसेस है जिसमें एक साधारण वीडियो या फोटो में कुछ नया ढूंढना है या उसमें गलतियां को हटाना होता है. एडिटिंग का काम कंप्यूटर और इंटरनेट के द्वारा किया जाता है.

एडिटिंग का काम फिल्म, टीवी शो, वेब वीडियो (जैसे यूट्यूब वीडियो) में किया जा सकता है.

योग्यता

12वीं पास या ग्रेजुएशन किसी भी क्षेत्र में

वीडियो एडिटिंग या फोटो एडिटिंग में करियर शुरू करने के लिए सबसे पहले 3 से 6 महीने का सर्टिफिकेट या डिप्लोमा कोर्स कर सकते है. बहुत सारे प्राइवेट इंस्टीट्यूट है जो कोर्स करवाते है. कोर्स कम्पलीट करने के बाद इंटर्नशिप या जॉब कर सकते है.

कोर्स कहाँ से कर सकते है ?

क्या खूबियाँ होनी चाहिए

  • इस क्षेत्र में काम करने के लिए रूचि और जुनून की जरुरत होती है
  • अच्छा कंप्यूटर कौशल
  • एडोब प्रीमियर, कोरल वीडियो स्टूडियो, लुमेन 5 कोरल फोटो एडिटर, एडोब फोटोशॉप इत्यादि जैसे सॉफ़्टवेयर का अच्छा ज्ञान होना चाहिए.
  • रचनात्मकता

शुरूआती वेतन

इसमें हमें जॉब करने पर 10,000 से 25,000 हर महीने से लेकर 80,000 हर महीने वेतन मिल सकता है.

नौकरी कहाँ कर सकते है ?

  • मीडिया कंपनी
  • एडवर्टाइजिंग कंपनी
  • डिजिटल मार्केटिंग
  • प्रोडक्शन हाउस
  • फोटोग्राफी/विडियोग्राफी

नौकरी कैसे ढूंढें

  • जॉब पोर्टल जैसे Naukri.com, Wisdomjobs, Monsterindia इत्यादि से अप्लाई करें.
  • कंपनी की वेबसाइट/समाचार पत्रों और सोशल मीडिया हैंडल को देखते रहे, वहाँ जॉब की ओपनिंग निकलती रहती है.

6. कंटेंट राइटिंग करियर

कंटेंट राइटिंग क्या होता है ?

कंटेंट राइटिंग का मतलब होता है ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए लिखना. इंटरनेट के दौर में हर जगह कंपनियां वेबसाइट बनवाती है, ऑनलाइन वीडियो की डिमांड है जिसके लिए कंटेंट राइटर की जरुरत पढ़ती है क्योंकि इंटरनेट पर जो भी पढ़ते है या देखते है उसका कंटेंट एक कंटेंट राइटर ही लिखता या लिखती है.

अगर आप यह सोच रहे हो कि ग्रेजुएशन के बाद क्या करें तो कंटेंट राइटर एक बहुत अच्छा विकल्प है करियर की शुरुआत करने का. हर पोस्ट, वीडियो स्क्रिप्ट, आर्टिकल जो हम इंटरनेट पर देखते है वो सब कंटेंट राइटर ही लिखते है. कंटेंट राइटर की जॉब करने के लिए क्रीएटिव राइटिंग स्किल बहुत जरूरी होता है. अगर किसी को अंग्रेजी नहीं आती लेकिन और कोई भाषा जैसे कि “हिंदी भाषा” में बहुत अच्छा लिखना आता है तो कोई दिक्कत नहीं है इसमें. कंटेंट राइटर किसी भी भाषा में लिख सकते है क्योंकि क्षेत्रीय/स्थानीय भाषा में लिखने वालों की बहुत डिमांड रहती है.

अगर कोई कंटेंट राइटिंग में करियर बनाना चाहता है तो उसे ऑनलाइन ब्लॉग/आर्टिकल पब्लिश करने चाहिए क्योंकि ये ब्लॉग/आर्टिकल उनके सैम्पल होते है जिससे नौकरी अप्लाई करते समय दिखाया जा सकता है.

योग्यता

ग्रेजुएशन किसी भी क्षेत्र में.

कंटेंट राइटर का काम

  • स्क्रिप्ट बनाना (फिल्म और वीडियो) के लिए
  • आर्टिकल और ब्लॉग लिखना
  • वेबसाइट के लिए लिखना
  • सोशल मीडिया हैंडल जैसे कि फेसबुक और ट्विटर के लिए लिखना.

क्या खूबियाँ होनी चाहिए

किसी भी भाषा में लिखने की अच्छी स्किल होनी चाहिए. इनके अलावा रिसर्च, वर्डप्रेस और ब्लॉगर का नॉलेज, एसईओ और सोशल मीडिया का नॉलेज.

शुरुआती वेतन

15,000 से 35,000 हर महीने तथा इसमें हमें 80,000 हर महीने वेतन मिल सकता है.

नौकरी कहाँ कर सकते है

  • एडवर्टाइजिंग कंपनी
  • मीडिया कंपनी
  • मार्केटिंग कंपनी
  • पब्लिक रिलेशन
  • वेबसाइट डवलपमेंट कंपनी

नौकरी कैसे ढूंढें

  • जॉब पोर्टल जैसे Naukri.com, Wisdomjobs, Monsterindia इत्यादि से अप्लाई करें.
  • कंपनी की वेबसाइट/समाचार पत्रों और सोशल मीडिया हैंडल को देखते रहे, वहाँ जॉब की ओपनिंग निकलती रहती है.

7. विदेशी भाषा में एक्सपर्ट की जॉब

विदेशी भाषा में एक्सपर्ट की जॉब करना भी एक बहुत अच्छा विकल्प है करियर शुरू करने का. वैश्वीकरण की वजह से विदेशी भाषा एक्सपर्ट की बहुत मांग बढ़ गयी है.

विदेशी भाषा जिसे हम फॉरेन लैंग्वेज भी कह सकते है. एक्सपर्ट बनने के लिए कोई भी विदेशी भाषा सीखनी पड़ती है और इसके लिए कोर्स भी कर सकते है. ये कोर्स बहुत से इंस्टीट्यूट कराते है. फॉरेन लैंग्वेज एक्सपर्ट बनने के लिए बहुत प्रैक्टिस की जरुरत होती है और थोड़ा समय भी लगता है किसी दूसरी भाषा पर कमांड लेने में लेकिन इसमें करियर विकल्प बहुत है.

कंपनियां बाहर दे देशों में भी अपना बिजनेस का विस्तार करती है जिसके लिए उसे अपने नियोक्ताओं को अलग-अलग देशों में जहाँ वो बिजनेस सेटअप कर रही है वहाँ भेजना होता है. लेकिन एक दिक्कत जो सब झेलते है “लैंग्वेज बैरियर” अर्थात भाषाई रुकावट. अगर उस देश में अंग्रेजी नहीं बोली जाती तो एम्प्लोई को दिक्कत आती है वहाँ के लोगों से बात करने में जिसके लिए ट्रांसलेटर की जरुरत पड़ती है. अगर कोई बाहर की  कंपनी भारत में सेटअप करता है तो जिनको दोनों देशों की भाषा आती है. इसके अलावा बहुत सारी जगह फॉरेन लैंग्वेज एक्सपर्ट की जरुरत पड़ती है.

टॉप फॉरेन लैंग्वेज

अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, इटालियन, जापानी, स्पैनिश, रूसी, अरबी, पारसी, और चीनी भाषा है.

एक ग़लतफ़हमी है कि विदेशी भाषा सीखने के लिए अंग्रेजी आनी जरुरी होती है. ये बात बिलकुल भी सही नहीं है क्योंकि अंग्रेजी खुद भी एक विदेशी भाषा है. कोई भी विदेशी भाषा सीखने के लिए अंग्रेजी आनी जरूरी नहीं है.

योग्यता

ग्रेजुएशन किसी भी क्षेत्र में कर सकते है.

शुरूआती वेतन

15,000 से 35,000 महीने से लेकर इसमें आप 70,000 हर महीने के कमा सकते है.

नौकरी कहाँ कर सकते है ?

  • किसी कंपनी, एमएनसी या सरकारी संगठन के साथ भाषाई ट्रांसलेटर के लिए काम करना.
  • स्कूल, कॉलेज या ट्यूशन के लिए फॉरेन लैंग्वेज ट्रेनर
  • पब्लिशिंग हाउस या मीडिया कंपनी में बुक/डाक्यूमेंट्स/स्क्रिप्ट के ट्रांसलेशन के लिए
  • एम्बेसी में ट्रांसलेटर
  • एयरलाइन्स (एविएशन सेक्टर) में कैबिन क्र्यू या ग्राउंड स्टाफ के लिए.
  • ट्यूरिज्म इंडस्ट्री में ट्यूरिस्ट गाइड
  • हॉस्पिटीलिटी सेक्टर जैसे कि होटल में अटैंडेंट्स
  • इंटरनेशनल कॉल सेंटर
  • फ्रीलांसर, राइटर, ट्रांसलेटर, व्याख्याता

टॉप कंपनियां जो लैंग्वेज एक्सपर्ट हायर करती है

  • Accenture
  • Evalueserve
  • Wipro
  • Fiserv
  • TCS
  • Tech Mahindra
  • Infosys
  • Kuliza
  • Scabbard

8. मेकअप आर्टिस्ट/हेयर स्टाइलिस्ट

जिन लोगों को मेकअप में रूचि है उनके पास एक बहुत अच्छा विकल्प है मेकअप आर्टिस्ट बनने का. एक मेकअप आर्टिस्ट क्रीएटिव होता है. वो अपनी क्रीएटिविटी यूज करके ये जानता है कि किस पर कैसा मेकअप अच्छा लगेगा.

हम सब टीवी/इंटरनेट पर देखते है कि एक्टर/मॉडल तैयार होकर रहते है. इन सब के पीछे मेकअप आर्टिस्ट और हेयर स्टाइलिस्ट की मेहनत होती है. अगर आप एक अच्छे मेकअप -आर्टिस्ट/हेयर स्टाइलिस्ट बन सकते है. यह आपके लिए एक अच्छा विकल्प है और यहाँ पैसा भी अच्छा कमाया जा सकता है.

योग्यता

इसके लिए डिप्लोमा या शॉर्ट कोर्स करना जरूरी होता है ताकि आप टेक्निक और स्किल सीख सकें. यह ट्रेनिंग  आप किसी इंस्टीट्यूट में जाकर कर सकते है या फिर किसी अनुभव वाले प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट के अंडर ट्रेनिंग भी कर सकते है.

क्या खूबियाँ होनी चाहिए

इसमें क्रीएटिविटी और टेक्निक होनी चाहिए.

शुरूआती वेतन

15,000 से 25,000 हर महीना और जो अनुभव वाले होते है उन्हें महीने के 70,000 या इससे ज्यादा भी मिल सकते है.

नौकरी कहाँ कर सकते है

  • सैलून
  • मनोरंजन उद्योग (टीवी / फिल्म्स / ब्लॉगर्स).
  • मॉडलिंग एजेंसियां.
  • पत्रिकाओं की शूटिंग के लिए मीडिया कंपनियां.

10. ग्रेज्युएट के लिए सरकारी नौकरी 2019

बैंक में सरकारी नौकरी 2019 

LIC AAO 2019 रिक्रूटमेंट

आरआरबी एनटीपीसी रिक्रूटमेंट 2019

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इंडियन आर्मी पुरुष भर्ती ग्रेज्युएट के लिए 2019

इंडियन एयर फोर्स महिला भर्ती 2019

इंडियन नेवी में महिला भर्ती 2019

इंडियन नेवी में पुरुषों के लिए भर्ती 2019


हम उम्मीद करते है कि आपको इस आर्टिकल में पूरी जानकारी जरूर मिली है। अगर फिर भी कुछ समझ नहीं आ रहा है तो हमें कमेंट कीजिये जिसका जवाब हम जरूर देंगे।

जन्म से ही क्रिकेट का दीवाना हूँ लेकिन क्रिकेटर बन नहीं सका और अब विकिपीडियन बनकर खिलाड़ियों पर लिखना शौक बना दिया है।

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