अपनी मुसीबतों से हम लड़कर कैसे जीत सकते हैं? ?

Udaipur | January 2018

Lokesh Bhil

Teacher

Lokesh Bhil

Teacher

बारे में:

गुढा गांव के रहने वाले लोकेश भील तीन साल की उम्र में ही अपनी दृष्टि खो चुके थे। पढाई करने की इच्छा उनके अंदर इतनी प्रबल थी कि वे वैसे ही पढ़ने जाते थे और फिर एक दिन उनकी एक अध्यापिका ने उन्हें ब्रेल लिपि के बारे में बताया। उस दिन से आज तक लोकेश खूब मन लगा कर पढ़ते आ रहे हैं और पढ़ाते भी हैं। लोकेश भील हिंदी में 100 में से 100 अंक प्राप्त कर चुके हैं। उनके जीवन की प्रत्येक मुश्किल व कठिनाई ने उन्हें राह दिखाई है। उसी के चलते आज उन्हें उनके जीवन की कोई भी परेशानी रोक नहीं पाई। लोकेश भील की प्रेरणादायक कहानी जानने के लिए देखें यह जोश Talks।